उत्तराखंड के मूल निवासी... रुड़की-पिथौरागढ़ में घर, आखिर ऋषभ पंत को क्यों नहीं मिल रही जमीन?
Rishabh Pant: क्रिकेटर ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पर उत्तराखंड में बसने की इच्छा जताई है, जिससे सवाल उठ रहे हैं क्योंकि उनके रुड़की और पिथौरागढ़ में पैतृक ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑनलाइन डेस्क, उत्तराखंड। जाने माने क्रिकेटर ऋषभ पंत ने अपने ताजा इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म में उत्तराखंड में बसने की चाहत जताकर सभी को चौंका दिया है। रुड़की से लेकर पिथौरागढ़ में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ऋषभ की यह पोस्ट इसलिए भी चौंकाती है, क्योंकि वह उत्तराखंड के मूल निवासी हैं। वह राज्य में जहां जितनी जमीन चाहें, ख़रीद सकते हैं।
रुड़की में पैतृक मकान
ऋषभ के पास रुड़की में करीब दो-ढाई हजार वर्ग गज में बड़ा-सा पैतृक मकान है। ऋषभ के पिता स्व राजेंद्र पंत पहले अपने इसी आवास परिसर में एक स्कूल न्यू मॉडर्न पब्लिक स्कूल भी चलाते थे। जो कि आज भी संचालित हो रहा है।
रुड़की में आवास पर पिता के नाम के साथ ही ऋषभ पंत की भी नेम प्लेट लगी है। इस मकान में ऋषभ की मां रहती हैं। यहीं पर ऋषभ का जन्म हुआ है। बता दें कि कुछ समय पहले मसूरी में उनकी बहन की शादी हुई थी।
पिथौरागढ़ में भी पैतृक घर
पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीहाट विकास खंड के गांव पाली में क्रिकेटर ऋषभ पंत का पैतृक घर है। ऋषभ के गांव में उनके दो चाचा जगदीश चंद्र पंत और हेम पंत रहते हैं। ऋषभ की मां भी हाल में यहां आई थीं। गांव में पुराने की जगह नया मकान बनाने की तैयारी हो रही है।
ऐसे में सवाल उठता है कि ऋषभ पंत किस तरह जमीन चाह रहे हैं। उनकी पोस्ट से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है।
ऋषभ पंत की पोस्ट
ऋषभ पंत ने लिखा- ‘नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का स्थानीय निवासी होने के नाते मुझे काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से अपना बेस शिफ्ट करके उत्तराखंड में जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं। लेकिन मुझे यहां रहने के लिए कोई बड़ी और साफ जगह नहीं मिल पा रही है। मुझे अपने उत्तराखंड से बहुत प्यार है। मेरी आपसे गुजारिश है कि कृपया जमीन अधिग्रहण में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल स्पष्टता न होने से यह एक नाइटमेयर बन गया है। वह अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस लौटना चाहते हैं और राज्य के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। तीन साल से कोशिश करने के बावजूद उन्हें अब तक जमीन नहीं मिल पाई है। वह राज्य से कोई मुफ्त जमीन या तोहफा नहीं मांग रहे हैं। इंटरनेशनल लेवल पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपहार मिलना अच्छी बात होगी, लेकिन अगर आप अनुमति दें तो मैं इसे सरकार से और सरकारी दरों पर ही जमीन खरीदना चाहता हूं। कम से कम मैं अपने और हमारे राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि यह प्रक्रिया कैसे करनी है।'
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सीएम धामी का जवाब
वहीं ऋषभ पंत के पोस्ट के बाद सीएम धामी का जवाब भी आया है। उन्होंने लिखा कि - ‘प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे शीघ्र ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।'