Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड में SIR अंतिम चरण में: 99% डिजिटाइजेशन पूरा, देहरादून से कट सकते हैं सबसे ज्यादा नाम

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 05:47 PM (IST)

    उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अंतिम चरण में है, जिसमें 99% गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. एसआइआर अभियान में 99% गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण

    2. राजनीतिक दलों से शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने की अपील

    3. 8.41 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कटने की संभावना

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। अब तक प्रदेश के लगभग 99 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है।

    यद्यपि, अभी तक सूची की पारदर्शिता बनाए रखने को राजनीतिक दल शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात नहीं कर पाए हैं।

    अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे ने शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता में राजनीतिक दलों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने और सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने की अपील की।

    अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. जोगदंडे ने कहा कि एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे एसआइआर के तहत आठ जून से सात जुलाई तक गणना प्रपत्रों का वितरण और डिजिटाइजेशन किया जा रहा है।

    प्रदेश के 79,60,762 मतदाताओं में से 71,16,650 मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं, कुल 79, 57,670 मतदाताओं का डाटा और प्रपत्र डिजिटाइज कर लिया गया है।

    उन्होंने बताया कि 8,41,020 मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी में हैं। इन मामलों का नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा। इसके सात ही सात जुलाई से नए पोलिंग बूथों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11,733 मतदान केंद्रों के सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों ने अब तक 23,102 बीएलए नियुक्त किए हैं।

    इनमें भाजपा के 11,504, कांग्रेस के 11,105, माकपा के 378 और बसपा के 115 बीएलए शामिल हैं, जबकि आम आदमी पार्टी ने अभी तक कोई बीएलए नियुक्त नहीं किया है।

    उन्होंने सभी दलों से शेष बूथों पर भी बीएलए नियुक्त कर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने में सहयोग देने का आग्रह किया।

    देहरादून से कटेंगे सर्वाधिक मतदाता

    एसआइआर का कार्य तकरीबन समाप्त होने को है। इसमें 8,41,020 मतदाता ऐसे हैं, जिनके गणना पपत्र अभी वापस नहीं मिले हैं।

    ऐसे में इनका मतदाता सूची से नाम कटने की पूरी संभावना है। इनमें सबसे अधिक 1,90,815 प्रपत्र देहरादून से वापस नहीं मिले हैं। यह मतदाता संख्या का 13 प्रतिशत से अधिक है।

    वहीं, ऊधम सिंह नगर में 1,82,162, हरिद्वार में 1,31,047 और नैनीताल में 72,083 मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस नहीं आए हैं।

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में SIR अंतिम चरण में, 71 लाख से अधिक फॉर्म हो चुके डिजिटाइज

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में SIR: 92% डिजिटाइजेशन पूरा, 'अन-कलेक्टेबल' मतदाताओं का फिर होगा वेरिफिकेशन