देहरादून में छठे लोक संवर्धन पर्व का आगाज: किरेन रिजिजू बोले- 'वोकल फार लोकल' से आत्मनिर्भर बनेगा भारत
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में छठे लोक संवर्धन पर्व का उद्घाटन किया। ...और पढ़ें

परेड ग्राउंड में लोक संवर्धन पर्व के छठे संस्करण का दीप जलाकर उद्घाटन करते केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। जागरण
HighLights
छठे लोक संवर्धन पर्व का देहरादून में हुआ शुभारंभ
'वोकल फार लोकल' आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव: रिजिजू
उत्तराखंड स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिला रहा
जागरण संवाददाता, देहरादून। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और कारीगरों को बाजार से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार की पहल को नया मंच शनिवार को देहरादून में मिला।
परेड ग्राउंड में शुरू हुए छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि 'वोकल फार लोकल' केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत बुनियाद है।
जब स्थानीय शिल्पकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कारीगरों को बाजार व उचित मूल्य मिलेगा, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा।
11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में 150 से अधिक स्टालों पर उत्तराखंड सहित देशभर के शिल्पकारों, बुनकरों, महिला समूहों, एफपीओ और उद्यमियों के हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
उद्घाटन के बाद केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने स्टालों का अवलोकन कर शिल्पकारों से संवाद भी किया। दोनों ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के माध्यम से पारंपरिक शिल्प, हस्तकला और लोक संस्कृति को नई पहचान दिलाने का काम कर रही है।
लोक संवर्धन पर्व अब कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए राष्ट्रीय स्तर का ऐसा मंच बन चुका है, जहां उन्हें अपने उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन और ब्रांडिंग का अवसर मिलता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र की योजनाओं को धरातल पर उतारने में पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
यही कारण है कि आज राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्र के साथ साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाउस आफ हिमालयाज और एक जिला-दो उत्पाद योजना के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत माणा को देश का पहला गांव घोषित किया था और आज वहां के स्थानीय उत्पाद भी नई पहचान बना रहे हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने लोक संवर्धन पर्व स्मारक डाक लिफाफे का भी विमोचन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डा. श्रीवत्सा कृष्णा, संयुक्त सचिव एसपी राय, उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डा. पराग मधुकर धकाते सहित विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
'उत्तराखंड आता हूं तो अपने घर जैसा लगता है'
किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड से भावनात्मक जुड़ाव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश से आते हैं, इसलिए उत्तराखंड से उनका विशेष लगाव है।
यहां की संस्कृति, लोगों की सादगी और पारंपरिक खान-पान उन्हें हमेशा आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि जब भी वह उत्तराखंड आते हैं, उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे अपने ही घर और परिवार के बीच हों।
अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को पीएचडी तक छात्रवृत्ति : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को कक्षा एक से पीएचडी तक छात्रवृत्ति दी जा रही है।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री हुनर योजना के तहत स्वरोजगार के लिए 20 लाख रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
तलत अजीज की गजलों ने बांधा समां
लोक संवर्धन पर्व के पहले दिन प्रसिद्ध गजल गायक तलत अजीज की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। देर रात तक दर्शक उनकी गजलों का आनंद लेते रहे।
आगामी दिनों में ज्योति नूरां, किशन महिपाल, विवेक नौटियाल, माया उपाध्याय, पांडवास बैंड और परमिश वर्मा अपनी प्रस्तुतियों से महोत्सव को और रंगारंग बनाएंगे।
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