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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मीटू मामले की जांच को सिटिंग जज की देखरेख में हो एसआइटी गठित

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Tue, 08 Jan 2019 05:27 PM (IST)

    कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा के पूर्व महामंत्री संगठन के मीटू मामले की उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की देखरेख में एसआइटी जांच ...और पढ़ें

    मीटू मामले की जांच को सिटिंग जज की देखरेख में हो एसआइटी गठित
    मीटू मामले की जांच को सिटिंग जज की देखरेख में हो एसआइटी गठित

    देहरादून, जेएनएन। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने भाजपा के पूर्व महामंत्री संगठन के मीटू मामले में उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की देखरेख में एसआइटी से जांच कराए जाने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना पत्रकार वार्ता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार और संगठन पर मामले को रफा-दफा करने के लिए पीड़ित महिला पर दबाव बनाने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस दबाव में कार्य कर रही है और भाजपा को पूरा मौका दिया जा रहा है कि वे लड़की से बात कर कोई समझौता करके दबाव बना लें। 

    उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में सिर्फ धारा 354 का मुकदमा कर इतिश्री कर ली। जबकी लड़की का आरोप है कि उसका मोबाइल जिसमे संजय कुमार की तमाम अश्लील हरकतें कैद थी पार्टी की महिला नेताओं ने छीन ली। ये अपराध छुपाने का अपराध है।

    धस्माना ने कहा कि स्वभाविक रूप से देश और प्रदेश में जैसा वातावरण है उससे साफ है कि पुलिस प्रशासन कहीं न कहीं दबाव में काम कर रही है। इसलिए राज्य सरकार को यह जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में एसआइटी गठित कर करवानी चाहिए।

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