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    देहरादून यूसीबी घोटाला: फोरेंसिक ऑडिट के बाद 5 पर केस, 3 पूर्व शाखा प्रबंधक भी शामिल

    Updated: Sat, 16 May 2026 12:08 AM (IST)

    देहरादून के अर्बन कोआपरेटिव बैंक घोटाले में फोरेंसिक ऑडिट के बाद पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक भी शामिल ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। अर्बन कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड (यूसीबी) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं।

    फारेंसिक आडिट में प्राथमिक जांच के बाद शहर कोतवाली में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआइ) की ओर से लगातार फारेंसिक आडिट कराया जा रहा है, जिसमें कई तत्कालीन अधिकारियों के नाम सामने की संभावना है।

    अर्बन कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड क्रास रोड के मुख्य शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम ने बताया कि यूसीबी में करोड़ों के घोटाले में आरबीआइ की ओर से फारेंसिक आडिट कराया जा रहा है।

    फारेंसिक आडिट में वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 के दौरान बैंक के लेखा अभिलेखों एवं लेजर प्रविष्टियों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं।

    करोड़ों रुपये के घोटाले में तत्कालीक एवं वर्तमान में बैंक में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।

    उन्होंने बताया कि फारेंसिक अकाउंटिंग व जांच रिपोर्ट (वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15 और 2015-16) से यह स्पष्ट है कि बैंक में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर कूटरचित तरीके से षड्यंत्र के तहत बैंक को कई करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। खाताधारकों की धनराशि का निजी तौर पर फायदा उठाया।

    इंजीनियर की मदद से की गलत एंट्री

    जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने इंजीनियर गणेश वार्ष्णेय की मदद से कंप्यूटर में गलत एंट्री की हैं।

    प्रत्येक कार्य दिवस की समाप्ति पर कैश बैलेंस, लेजर खातों एवं संबंधित अभिलेखों की जांच खुद को लाभ पहुंचाने के लिए न कर नियमों के विरुद्ध एंट्री की।

    अनियमित कार्य करते हुए अपने निजी खातों में धनराशि का आदान-प्रदान किया है। आरोपितों ने व्यापक वित्तीय अनियमिताएं एवं हेराफेरी कर अनुचित लाभ लिया।

    घोटाले में इन आरोपितों का नाम आया सामने

    • स्व. आरके बंसल (तत्कालीन, सचिव) निवासी लेन सी, निकट पाम सिटी पथरी बाग
    • गणेश चंद्र वार्ष्णेय (तत्कालीन साफ्टवेयर व हार्डवेयर इंजीनियर) निवासी चंद्र नगर
    • महावीर सिंह (तत्कालीन शाखा प्रबंधक) निवासी बाबा विहार, तपोवन रोड, नालापानी चौक, सहस्त्रधारा रोड
    • संजय गुप्ता (तत्कालीन शाखा प्रबंधक) निवासी चौधरी बिहारी लाल मार्ग, नेशविला रोड
    • विजय मोहन भट्ट (तत्कालीन, कार्यकारी शाखा प्रबंधक) निवासी फेयरी हाल कोर्ट रोड, मसूरी 

    पांचों के विरुद्ध शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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