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    UK Board Topper: मां के निधन के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, देहरादून के कार्तिक ने 10वीं बोर्ड में किया कमाल

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 04:44 PM (IST)

    देहरादून के कार्तिक त्यागी ने मां को खोने के बावजूद दसवीं बोर्ड में 95.40% अंक हासिल कर मिसाल कायम की। अब उनका लक्ष्य राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में ...और पढ़ें

    देहरादून के बालावाला निवासी और अभिनव चिल्ड्रन्स एकेडमी के छात्र कार्तिक त्यागी।

    देहरादून के बालावाला निवासी और अभिनव चिल्ड्रन्स एकेडमी के छात्र कार्तिक त्यागी। 

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। कभी-कभी जिंदगी एक झटके में सब कुछ बदल देती है, लेकिन वही पल कुछ लोगों के भीतर ऐसी ताकत जगा देता है, जो उन्हें भीड़ से अलग खड़ा कर देती है।

    बालावाला निवासी और अभिनव चिल्ड्रन्स एकेडमी के छात्र कार्तिक त्यागी की कहानी इसी हौसले की मिसाल है।

    दसवीं बोर्ड में 95.40 प्रतिशत अंक हासिल कर कार्तिक ने साबित किया कि मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, मजबूत इरादों के आगे रास्ते खुद बन जाते हैं।

    कार्तिक के पिता दीपक त्यागी प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके जीवन का सबसे कठिन दौर 2021 में आया, जब वह छठी कक्षा में थे और कोरोना महामारी के दौरान उनकी मां शालू का निधन हो गया।

    इस घटना ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया। कार्तिक बताते हैं, एक पल को लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो, लेकिन उसी दर्द ने उन्हें संभलने और आगे बढ़ने की ताकत दी।

    उन्होंने ठान लिया कि मां के सपनों को अधूरा नहीं रहने देंगे। घर की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था।

    65 वर्षीय दादी राकेश देवी, बड़े भाई मयंक और पिता के साथ मिलकर कार्तिक ने घर की जिम्मेदारियां भी निभाईं। इन हालातों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया।

    उनकी सफलता का आधार रहा अनुशासन और निरंतरता। नियमित पढ़ाई, हर विषय को समझकर पढ़ना और बार-बार दोहराना। कार्तिक अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों को देते हैं, जिनके मार्गदर्शन ने उन्हें सही दिशा दी और आत्मविश्वास मजबूत किया।

    अब कार्तिक की नजर अगले लक्ष्य पर है। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में चयन पाकर फौजी वर्दी पहन देश सेवा करना चाहते हैं।

    यह सपना उनके लिए सिर्फ करियर नहीं, बल्कि अपनी मां के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी है। स्कूल की प्रधानाचार्य युक्ति शर्मा ने कार्तिक को बधाई देते हुए कहा कि उनका संघर्ष और सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है।

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