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    उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव, अबी ऑनलाइन दर्ज होंगे छात्रों के नंबर

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 09:33 AM (IST)

    उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा परिणाम को त्रुटिहीन और समयबद्ध बनाने के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब 10वी ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    राज्य ब्यूरो, देहरादून। बोर्ड परीक्षा के परिणाम को त्रुटिहीन और समयबद्ध घोषित करने के लिए उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद ने इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के साथ ही विद्यार्थियों के प्राप्तांक आनलाइन दर्ज किए जाएंगे। मूल्यांकन कार्य अगले सप्ताह से शुरू होने जा रहा है।

    नई व्यवस्था के तहत मूल्यांकन केंद्रों पर ही शिक्षकों की ओर से कापियों की जांच पूरी होते ही मूल्यांकन स्थल पर ही अंक सीधे आनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इससे पहले प्राप्तांकों का अलग से चार्ट तैयार किया जाता था, अब उसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। परिषद का मानना है कि इस कदम से समय की बचत होगी और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी।

    इसके साथ ही त्रुटियों को रोकने के लिए दो स्तरीय जांच प्रणाली भी लागू की गई है। प्रारंभिक मूल्यांकन करने वाले शिक्षक की ओर से अंक देने के बाद, आनलाइन अंक दर्ज करने वाला शिक्षक एक बार फिर कुल अंकों का मिलान करेगा। यदि जोड़ में किसी प्रकार की गलती पाई जाती है तो उसे तत्काल सुधारा जाएगा। इससे परिणाम में त्रुटियों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में दो लाख 16 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। परिषद को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से परिणाम पहले की तुलना में अधिक सटीक और निर्धारित समय पर जारी किए जा सकेंगे।

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    उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 में शामिल छात्रों की संख्या

    • 10वीं (हाईस्कूल): 1,12,679 छात्र
    • 12वीं (इंटरमीडिएट): 1,03,442 छात्र

    ‘मूल्यांकन में पारदर्शिता और समयबद्ध जांच हो, इसे देखते मूल्यांकन स्थल पर ही परीक्षार्थियों के प्राप्तांक आनलाइन अपलोड कर दिए जाएंगे। जिससे त्रुटि होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी। शिक्षकों का समय भी बचेगा और परिणाम समय पर घोषित किया जा सकेगा। - डा. मुकुल कुमार सती, सभापित, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद

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