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    उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: चीनी मिलों को 270 करोड़ की स्टेट गारंटी से मिलेगा सहारा

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 09:55 PM (IST)

    उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए चीनी मिलों को 270 करोड़ रुपये की शासकीय प्रतिभूति (स्टेट गारंटी) को मंजूरी दी है। इससे बैंकों का जोख ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. 270 करोड़ की स्टेट गारंटी को मंत्रिमंडल की मंजूरी।

    2. चीनी मिलों को अब आसानी से मिलेगा बैंक ऋण।

    3. किसानों को समय पर भुगतान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। राज्य मंत्रिमंडल ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए बड़ा वित्तीय फैसला लेते हुए चीनी मिलों के लिए 270 करोड़ रुपये की शासकीय प्रतिभूति (स्टेट गारंटी) को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद राज्य की चीनी मिल अब बैंकों से आसानी से ऋण ले सकेंगी।

    स्टेट गारंटी का सीधा अर्थ यह है कि राज्य सरकार बैंक को यह भरोसा देगी कि यदि किसी कारणवश चीनी मिल ऋण चुकाने में असफल रहती है, तो उसकी भरपाई राज्य सरकार करेगी।

    सरकार की इस गारंटी से बैंकों का जोखिम कम होगा और वे मिलों को पेराई सत्र के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने में हिचकिचाएंगे नहीं।

    इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि चीनी मिलों को गन्ना खरीद, मजदूरी, बिजली-ईंधन, मशीनों के रखरखाव व अन्य परिचालन खर्चों के लिए समय पर धन मिल सकेगा, जिससे पेराई सत्र निर्बाध रूप से चल पाएगा।

    पर्याप्त ऋण उपलब्ध होने से मिलों की नकदी स्थिति मजबूत होगी और गन्ना किसानों को भुगतान में देरी की समस्या भी कम होगी। इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और गन्ना आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी।

    सरकार का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ चीनी मिलों की वित्तीय सेहत सुधरेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और गन्ना आधारित उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

    कुल मिलाकर, 270 करोड़ की स्टेट गारंटी को पेराई सत्र 2025-26 को सफल बनाने और किसान-मिल-बैंक के बीच भरोसे की कड़ी मजबूत करने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

    गन्ना सचिव रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि सरकार के इस फैसले से चीनी मिलें आसानी से ऋण लेकर अपना कारोबार कर सकेंगी। इससे चीनी उद्योग को मजबूती मिलेगी।

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