Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड के गोल्डन कार्डधारक कार्मिकों को बड़ी राहत, 75 करोड़ जारी

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 01:23 PM (IST)

    उत्तराखंड सरकार ने गोल्डन कार्डधारकों के लंबित चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। राज्य सरकार ने गोल्डन कार्ड (राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना) के तहत लंबित भुगतान को लेकर बड़ी राहत देते हुए 75 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

    इस धनराशि से विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों एवं राज्य के कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा दावों का भुगतान किया जाएगा।

    लंबित वित्तीय दायित्वों के किया जाएगा भुगतान

    सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे सूचीबद्ध अस्पतालों को राहत मिलने के साथ ही गोल्डन कार्ड धारक हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर को भी उपचार संबंधी सेवाओं में आ रहीं दिक्कतें कम होंगी।

    स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को आदेश जारी कर धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शासनादेश के अनुसार, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुरोध पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य आकस्मिकता निधि से 75 करोड़ रुपये अग्रिम के रूप में स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि ब्याजमुक्त ऋण होगी।

    इसकी दो वर्ष की अवधि रहेगी, जिसके बाद राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को अगले पांच वित्तीय वर्षों में 15-15 करोड़ रुपये की समान पांच किश्तों के माध्यम से राजकोष में राशि वापस करनी होगी।

    स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल विभिन्न चिकित्सालयों तथा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कार्मिकों के लंबित वित्तीय दायित्वों के भुगतान के लिए ही किया जाएगा।

    साथ ही धनराशि तत्काल राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को उपलब्ध कराने, उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को भेजने तथा वित्तीय नियमों और बजट के सभी प्रविधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में गोल्डन कार्ड का विस्तार, अनुदानित संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मिलेगा कैशलेस उपचार

    यह भी पढ़ें- किसान गोल्डन कार्ड बनाने में प्रदेश में तीसरे स्थान पर बाराबंकी, 1155 गांवों में लगा शिविर