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    उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर चलेगी तबादला एक्सप्रेस, सुगम-दुर्गम में होगा उलटफेर

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 08:03 AM (IST)

    उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर डॉक्टरों, अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के तबादलों की तैयारी चल रही है। ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    HighLights

    1. स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी तेज

    2. लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मियों का स्थानांतरण

    3. सुगम-दुर्गम क्षेत्रों की नीति का कड़ाई से पालन होगा

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर चिकित्सकों के तबादलों की तैयारी तेज हो गई है। इस बार केवल चिकित्सा अधिकारियों ही नहीं, बल्कि विभिन्न संवर्गों के चिकित्सकों को भी स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल किए जाने की तैयारी है।

    लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात डाक्टरों, अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कोशिश स्वास्थ्य महकमे को अधिक सक्रिय व जवाबदेह बनाने की है।

    भेजा जा सकता है दुर्गम में 

    सूत्रों के मुताबिक, तबादला प्रक्रिया में सुगम और दुर्गम क्षेत्रों की नीति का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। वर्षों से मैदानी क्षेत्रों में तैनात डाक्टर्स को पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों में भेजा जा सकता है, जबकि दुर्गम इलाकों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे चिकित्सकों को सुगम क्षेत्रों में अवसर मिलने की संभावना है।

    इसके अलावा, कई वर्षों से निदेशालय, जिला अस्पतालों और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में जमे अधिकारियों और डाक्टरों को भी इस प्रक्रिया के तहत स्थानांतरित किया जाएगा।

    दरअसल, लंबे समय से तबादला प्रक्रिया प्रभावित रहने के कारण स्वास्थ्य विभाग में कई तरह की समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। एक ही स्थान पर वर्षों तैनाती से कार्यप्रणाली में ठहराव की स्थिति पैदा होती रही। मैदानी क्षेत्रों और बड़े अस्पतालों में डाक्टरों की अधिकता रही, जबकि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ डाक्टरों और चिकित्सा अधिकारियों की कमी बनी रही।

    तबादलों में पारदर्शिता लाई जाए

    इसका सीधा असर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा। कर्मचारी व चिकित्सक संगठन भी यह मांग कई बार उठा चुके हैं कि तबादलों में पारदर्शिता लाई जाए और एक ही स्थान पर जमे लोगों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए।

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    स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय की मंशा स्वास्थ्य महकमे में बनी सुस्ती और वर्षों से व्यवस्था में लगी जंग को हटाकर पूरे तंत्र को सक्रिय मोड में लाना है।

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