उत्तराखंड में कांवड़ मेले की अभेद्य सुरक्षा, ड्रोन-सीसीटीवी से होगी 24 घंटे निगरानी
उत्तराखंड पुलिस ने 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावण कांवड़ मेले के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन योजना बनाई है। ...और पढ़ें


समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, देहरादून । अगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावण कांवड़ मेला को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन का खाका तैयार कर लिया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने कांवड़ यात्रा मार्ग से लेकर प्रमुख स्नान घाटों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तक अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मेले के दौरान एटीएस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), एसटीएफ, एसडीआरएफ और साइबर कमांडो 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की निरंतर निगरानी की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक
डीजीपी सेठ ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग के पुलिस और जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और रिजर्व फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रमुख स्नान घाटों पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमों को हर समय तैयार रखने को कहा।
डीजीपी ने कांवड़ यात्रा मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्गों, वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग स्थलों और होल्डिंग एरिया के लिए विस्तृत यातायात योजना तैयार करने तथा उसका उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित सीमावर्ती राज्यों में भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भारी वाहनों के समयबद्ध डायवर्जन, मोबाइल पेट्रोलिंग और पैदल व डाक कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र और रेलवे परिसरों को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा प्रबंधन मजबूत करने, प्रमुख स्थलों पर फायर सेफ्टी आडिट कराने तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। इंटरनेट मीडिया पर अफवाह और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई के लिए हरिद्वार में साइबर कमांडो की विशेष टीम तैनात की जाएगी, जो 24 घंटे साइबर स्पेस और इंटरनेट मीडिया पर निगरानी रखेगी।
बैठक में डीजीपी ने सीमावर्ती राज्यों के साथ लगातार समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए भोजन, पेयजल और विश्राम जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा असामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।