Uttarakhand Weather Today: देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड में फिर जोर पकड़ेगा मानसून, अगले दो दिन जोरदार बारिश का अलर्ट जारी
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ेगा, अगले दो-तीन दिनों में अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। देहरादून, नैनीताल समेत कई जिलों में भ ...और पढ़ें

बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली में भारी से बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट। जागरण
HighLights
उत्तराखंड में अगले दो-तीन दिन भारी बारिश की संभावना।
बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी।
पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा।
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ सकता है। मैदानी क्षेत्रों में शनिवार को सुबह से धूप खिली रही, जबकि आसमान में आंशिक बादल मंडराते रहे। शाम के समय कुछ स्थानों पर तेज बौछारें भी दर्ज की गईं। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना जताई है। इस दौरान देहरादून और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी वर्षा के दौर देखने को मिल सकते हैं।
देहरादून में सुबह से धूप खिली रही और दोपहर बाद बादलों की आवाजाही भी होने लगी। जिससे उमस बढ़ गई आपैर पारे में भी चार डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई। शाम को हुई झमाझम बारिश से कई जगह जलभराव की समस्या भी रही।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। साथ ही गरज-चमक के साथ वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर और आकाशीय बिजली चमकने की भी आशंका है।

AI Image
वहीं, प्रदेश के शेष जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां कहीं-कहीं गरज के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर हो सकते हैं और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में क्रिकेटर ऋषभ पंत बने सबसे बड़े निजी आयकरदाता, जमा किए करोड़ों रुपये
प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में अगले तीन दिन इसी प्रकार का मौसम बना रह सकता है। मौसम के करवट लेने से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।