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    उत्तराखंड की बदलेगी तस्वीर: 350 करोड़ की केंद्रीय योजनाओं से संवर रहा पर्यटन का ढांचा

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

    केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश से पर्यटन अवसंरचना को मजबूत कर रही है। इसका उद्देश्य पर्यटकों का ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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    HighLights

    1. केंद्र सरकार का उत्तराखंड पर्यटन में 350 करोड़ का निवेश।

    2. स्वदेश दर्शन, प्रसाद जैसी योजनाओं से विकास।

    3. पर्यटकों का अनुभव बेहतर, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश से पर्यटन अवसंरचना को मजबूत कर रही है। राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी।

    उन्होंने बताया कि पर्वतीय और सीमावर्ती राज्यों में सड़क, अंतिम छोर तक संपर्क, मार्ग संकेतक, पार्किंग, स्वच्छता, डिजिटल कनेक्टिविटी और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार केंद्र की प्राथमिकता में है। इसका उद्देश्य पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाना, सतत पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

    भट्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय स्वदेश दर्शन, स्वदेश दर्शन-2.0, चुनौती आधारित गंतव्य विकास और प्रसाद योजना (सीबीडीडी) के तहत राज्यों के प्रस्तावों के आधार पर वित्तीय सहायता देता है।

    वर्ष 2014-15 से शुरू स्वदेश दर्शन योजना के तहत देशभर में 5,295.24 करोड़ रुपये की 76 परियोजनाएं, स्वदेश दर्शन-2.0 में 2,207.08 करोड़ रुपये की 53 परियोजनाएं मंजूर हुई हैं।

    प्रसाद और सीबीडीडी के तहत भी 1,726.74 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाएं तथा संस्कृति, विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन, जीवंत ग्राम व इको-टूरिज्म श्रेणी में 687.99 करोड़ रुपये की 37 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है।

    उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में स्वदेश दर्शन-2.0 के तहत टिहरी झील और आसपास के क्षेत्र में इको-टूरिज्म व एडवेंचर स्पोर्ट्स अवसंरचना को 69.17 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    कुमाऊं विरासत परिपथ कटारमल-जागेश्वर-बैजनाथ-देवीधुरा के विकास को 76.32 करोड़, टी गार्डन एक्सपीरियंस को 19.89 करोड़, गुंजी इको-ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर को 17.86 करोड़, जादुंग विकास को 4.99 करोड़, कैंची धाम को 17.60 करोड़ और माणा गांव हाट को 4.89 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

    ऋषिकेश राफ्टिंग बेस स्टेशन को 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रसाद योजना में केदारनाथ के एकीकृत विकास को 34.77 करोड़, बदरीनाथ धाम में तीर्थ अवसंरचना को 56.15 करोड़ तथा गंगोत्री-यमुनोत्री में सुविधाओं के विस्तार को 54.36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

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    सीमावर्ती गांवों में सड़क, 4जी, पेयजल, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।

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