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    उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण शुरू: सीएम धामी बोले- SIR से अपात्र और घुसपैठिये हो जाएंगे बाहर

    Updated: Mon, 08 Jun 2026 10:34 PM (IST)

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से अपात्र और घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे। ...और पढ़ें

    सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एसआइआर के लिए गणना फार्म सौंपते मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम। सूवि

    सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एसआइआर के लिए गणना फार्म सौंपते मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम। सूवि

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री धामी ने मतदाता सूची शुद्धिकरण का निर्देश दिया

    2. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से अपात्र नाम हटेंगे

    3. घुसपैठियों और संदिग्धों के नाम भी हटाए जाएंगे

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। देवभूमि के कुछ हिस्सों में जनसांख्यिकीय बदलाव की दिख रही तस्वीर के बीच अब सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में प्रारंभ हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में पात्र लोग के नाम इसमें आएंगे।

    अपात्र और घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो जाएंगे। इसके साथ ही मतदाता सूचियों का शुद्धीकरण भी हो जाएगा।

    केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से राज्य में सोमवार से एसआइआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। 11,733 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) मतदाताओं को गणना फार्म भरवा रहे हैं।

    इसी कड़ी में सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने गणना फार्म सौंपा।

    फार्म भरने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एसआइआर सही ढंग से चले और पात्र लोगों के नाम वोटर लिस्ट में आएं, यह सुनिश्चित होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपात्र हैं या जिन्होंने घुसपैठ की है अथवा संदिग्ध अवस्था में राज्य में रहते हैं और उनका यहां से कोई लेना-देना नहीं हैं, उनके नाम एसआइआर से हट जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे भी हैं, जो दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची में हैं। ये भी हट जाएंगे। इस प्रकार मतदाता सूचियों का शुद्धीकरण होगा और एक अच्छा आंकड़ा निकलकर आएगा।

    एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि राज्य में आस्था व श्रद्धा का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में लोग चारधाम, आदि कैलास, जागेश्वर, पूर्णागिरि, कैंचीधाम समेत अन्य धामों में आ रहे हैं। इससे पर्यटन व तीर्थाटन से जुड़े लोगों को लाभ हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि अब सरकार कांवड़ यात्रा के साथ ही अगले साल होने वाले हरिद्वार कुंभ की तैयारियों में जुटी है।

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