देहरादून के चकराता में पहली बार होगा विंटर कार्निवाल, बिखरेंगे जौनसारी संस्कृति के रंग
देहरादून के चकराता में पहली बार 12 फरवरी से तीन दिवसीय विंटर कार्निवाल का आयोजन होगा। यह आयोजन शिमला-मनाली की तर्ज पर किया जा रहा है, जिसमें जौनसारी स ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
12 से 14 फरवरी तक होगा तीन दिवसीय आयोजन, शुरू की गई तैयारियां
सैलानियों को संस्कृति से रूबरू कराना व पर्यटन को बढ़ावा देना है उद्देश्य
होटल एसोसिएशन, कारोबारी व अन्य स्थानीय लोगों के सहयोग से होगा आयोजन
संवाद सूत्र, जागरण चकराता (देहरादून)। आपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चकराता में पहली बार विंटर कार्निवाल का आयोजन किया जाएगा। शिमला, मनाली, मसूरी और नैनीताल जैसे बड़े हिल स्टेशनों की तर्ज पर इस आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
यह तीन दिवसीय आयोजन 12 फरवरी से शुरू होगा। इसमें खास तौर से जौनसारी संस्कृति के लोक रंग की झलक दिखेगी। इसके आयोजन को सफल बनाने के लिए होटल एसोसिएशन, पर्यटन कारोबार से जुड़े व्यापारी, व्यापार मंडल चकराता व अन्य स्थानीय लोग मिलकर सहयोग कर रहे हैं।
कार्निवाल के दौरान जौनसारी परंपराओं के तीन प्रमुख सांस्कृतिक रंग लोगों को देखने को मिलेंगे। इनमें बिस्सू महोत्सव, बूढ़ी दीपावली व अन्य पारंपरिक जौनसारी त्योहारों की झलक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दिखाई जाएगी।
इससे पर्यटक जौनसार-बावर की परंपराओं, वेशभूषा, संगीत और लोकजीवन को करीब से समझ सकेंगे।
कार्निवाल में सजेंगे स्थानीय उत्पादों के स्टाल
कार्निवाल में स्थानीय उत्पादों और मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए विशेष फूड स्टाल लगाए जाएंगे। पर्यटक जौनसारी पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इनमें माशड़ाभात, उलवे, पिनवे, असके, कुशके साग, मंडुवे (मड़वे) की रोटी का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
विंटर कार्निवाल के दौरान चकराता छावनी बाजार को विशेष रूप से सजाया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय नजर आएगा। रोशनी, सांस्कृतिक मंच और सजावट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
स्थानीय लोक कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच
क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों और स्थानीय निवासियों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह है। आयोजकों का कहना है कि इस विंटर कार्निवाल का मुख्य उद्देश्य चकराता में पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देना व जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
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तीन दिन चलने वाले इस आयोजन के दौरान जौनसारी लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। मंच पर प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकार जौनसार-बावर क्षेत्र से ही होंगे, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को भी बड़ा मंच मिलेगा।
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