यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरिद्वार में पकड़ी गई फर्जी आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सूचना के अधिकार से हुआ खुलासा
हरिद्वार में एक फर्जी आंगनबाड़ी कार्यकत्री पकड़ी गई। जाली दस्तावेजों से रोजगार पाने वाली इस कार्यकत्री को जिला परियोजना अधिकारी ने खुलासे के बाद तत् ...और पढ़ें

हरिद्वार, [जेएनएन]: हरिद्वार जनपद स्थित धनौरी के रसूलपुर टोंगिया गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यरत एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। विभागीय जांच में कार्यकत्री के प्रमाण पत्रों को फर्जी पाये गए। जिसके आधार पर इनकी नियुक्ति की गई थी।
धनौरी के रसूलपुर टोंगिया निवासी मुनेश पुत्री अजबसिंह ने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र-एक पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री के रूप मे नियुक्ति पाई थी। गांव के ही ग्राम प्रधान ओमपाल सिंह व ग्रामीणों की ओर से विभाग में शिकायत की गई थी।
जिसमें उसने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में नियूक्ति पाने की बात थी। उन्होनें ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई। जिसमें सूचनाओं के सही पाए जाने पर विभाग की ओर से जांच कराई गई।
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जिसमें उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं मे खुलासा हुआ कि उसके प्रमाण पत्र फर्जी हैं। उसे आधार मानते हुए बहादराबाद के बाल विकास परियोजना अधिकारी ने रसूलपुर टोंगिया गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री मुनेश कुमारी पुत्री अजबसिंह की तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी कर मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया।
उन्होंने केंद्र पर वैकल्पिक व्यवस्था होने तक केंद्र की सहायिका को केंद्र चलाने के दिशा निर्देश दिए। बाल विकास परियोजना अधिकारी बहादराबाद वीना पुरोहित ने बताया कि मामले की जांच में उक्त कार्यकत्री के प्रमाण फर्जी पाए गए हैं। जिसके आधार पर उसकी सेवा समाप्त की गई है। जबकि सहायिका को केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।