अर्धकुंभ में नहीं होगी पार्किंग की टेंशन! हरिद्वार में 3.27 करोड़ की लागत से बनेगी चार पहिया गाड़ियों की पार्किंग
हरिद्वार में अर्धकुंभ के लिए डॉक्टर कोठी में 3.27 करोड़ की लागत से चार पहिया वाहनों की पार्किंग बनेगी। ...और पढ़ें

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HighLights
डॉक्टर कोठी में 3.27 करोड़ से चार पहिया वाहन पार्किंग।
पोस्ट ऑफिस के पीछे दोपहिया वाहनों की भी पार्किंग।
श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी पहुंचने में मिलेगी आसानी।
गौरव त्यागी, हरिद्वार। अर्धकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भल्ला क्रिकेट स्टेडियम के पास डॉक्टर कोठी में चार पहिया वाहनों की पार्किंग बनाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) 3.27 करोड़ की लागत से इसका निर्माण कराएगा। हरकी पैड़ी के नजदीक यह पार्किंग बनने से श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी।
अर्धकुंभ को भव्य बनाने में राज्य सरकार जुटी है। इस बार करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। लाखों कल्पवासी, अखाड़ों के साधु-संत और देश-विदेश के श्रद्धालु भी आएंगे। ऐसे में भीड़ का प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है।
पार्किंग की कमी से भारी ट्रैफिक जाम, वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग और सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका है। हरकी पैड़ी और आसपास के मंदिरों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सैटेलाइट पार्किंग की जरूरत है। भल्ला क्रिकेट स्टेडियम के पास डॉक्टर कोठी का इलाका रणनीतिक रूप से उपयुक्त है।
इस पार्किंग से निजी वाहनों को मेला क्षेत्र से दूर रखकर पैदल और शटल व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। श्रद्धालु घाट और मंदिरों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
पोस्ट ऑफिस के पीछे बनेगी दोपहिया वाहनों की पार्किंग
लोक निर्माण विभाग दोपहिया वाहनों के लिए पोस्ट ऑफिस के पीछे पार्किंग का निर्माण कराएगा। इसमें करीब 1.12 करोड़ की लागत आएगी। अर्धकुंभ में दोपहिया वाहनों से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। यह इलाका भी हरकी पैड़ी के नजदीक है। इससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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पार्किंग क्षेत्र में बागवानी का काम भी होगा। इसमें अच्छी मिट्टी, खाद, घास, झाड़ियां और पौधे लगाए जाएंगे। स्ट्रीट लाइट पोल, एलईडी लाइटें, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड लगाए जाएंगे। फायर सेफ्टी के लिए अग्निशमन यंत्र भी लगाए जाएंगे।
श्रद्धालु आसानी से घाट व मंदिरों तक पहुंचेंगे
वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग से सड़कों पर जाम कम होगा। श्रद्धालु आराम से घाटों और मंदिरों तक पहुंच सकेंगे। गार्ड रूम, फेंसिंग, लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरों जैसी सुविधाओं से वाहनों की सुरक्षा बढ़ेगी। चोरी या क्षति का खतरा कम होगा। पार्किंग स्थल में बेहतर ड्रेनेज, सेप्टिक सिस्टम और लैंडस्केपिंग से इलाका साफ-सुथरा रहेगा।