मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीले सीरप का धंधा, हरिद्वार में 200 बोतल कोडीन के साथ संचालक गिरफ्तार
उत्तराखंड एसटीएफ और पुलिस ने हरिद्वार में एक मेडिकल स्टोर संचालक को 200 बोतल कोडीनयुक्त सीरप के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आकाश छाबड़ा अपने वैभव मेडि ...और पढ़ें

मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार।
HighLights
हरिद्वार में 200 बोतल कोडीनयुक्त सीरप के साथ गिरफ्तारी।
मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीले सीरप का अवैध धंधा।
एसटीएफ, औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। उत्तराखंड एसटीएफ, एएनटीएफ, औषधि विभाग और ज्वालापुर कोतवाली की संयुक्त टीम ने 200 बोतल कोडीनयुक्त सीरप के साथ एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के घर, फ्लैट और कार की तलाशी के दौरान खेप बरामद हुई। सामने आया कि आरोपित सराय क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का धंधा कर रहा था। पूछताछ में नशीले सीरप की सप्लाई चेन से जुड़े कई अहम सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। गोपनीय सूचना मिली कि सराय गांव स्थित वैभव मेडिकल स्टोर का संचालक अपने आवास पर अवैध रूप से कोडीन युक्त सीरप का भंडारण कर रहा है। एसटीएफ, औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपित आरोपित के आवास, फ्लैट और उसकी वैगनआर कार की तलाशी ली।
जहां से दो पेटियों में रखी 200 बोतल कोडीन युक्त सीरप बरामद हुई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित से सीरप के क्रय, विक्रय और भंडारण से संबंधित वैध अभिलेख मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह नशा करने वालों को फुटकर में सीरप बेचकर अवैध कमाई करता था। इसके बाद पुलिस ने आरोपित आकाश छाबड़ा निवासी आर्यनगर, ज्वालापुर को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपित सराय गांव स्थित वैभव मेडिकल स्टोर का संचालक है। आरोपित के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। कार्रवाई में निरीक्षक यादविंदर सिंह बाजवा, औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक हरीश सिंह, उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी, उपनिरीक्षक समीप पांडे सहित एसटीएफ, एएनटीएफ, औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस की टीम शामिल रही।
खबरें और भी
क्या होता है कोडीन
कोडीन एक ओपिओइड (नारकोटिक) दवा है। जिसका उपयोग मुख्य रूप से हल्के से मध्यम दर्द, सूखी खांसी और दस्त के इलाज के लिए किया जाता है। यह अफीम (ओपियम) से मिलने वाले तत्वों से जुड़ी होती है और डॉक्टर के पर्चे पर ही मिलती है, लेकिन पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपित ये दवाई नशेड़ियों को बेचता था।