यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आइआइटी प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, शोधार्थी ने जान को बताया खतरा
एक शोधार्थी ने आइआइटी रुड़की के प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। साथ ही उसने अपनी जान को भी खतरा बताया है। ...और पढ़ें

रुड़की, जेएनएन। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की में 24 घंटे के अंतराल में उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है। इस बार संस्थान की एक शोधार्थी ने एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। शिकायत दर्ज कराने कोतवाली पहुंची शोधार्थी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने शोधार्थी की शिकायत मिलने की पुष्टि की। बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बता दें, इससे पहले एक अमेरिकी महिला के उत्पीड़न का मामला सामने आया था। महिला ने मेल के जरिये भेजी शिकायत में तीन प्रोफेसरों पर आरोप लगाया था, इसकी भी जांच चल रही है।
आइआइटी की यह शोधार्थी शुक्रवार शाम को सिविल लाइंस कोतवाली पहुंची। उसने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा और आरोप लगाया कि संस्थान के एक प्रोफेसर ने उसका यौन उत्पीड़न किया। जाति सूचक शब्द प्रयोग कर उसे अपमानित किया जा रहा है। शोधार्थी का आरोप है कि उसने संस्थान में कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अब उसे हमेशा अपनी जान का खतरा बना रहता है।
शिकायतकर्ता ने खुद को सुरक्षा देने की मांग उठाई है। शिकायतकर्ता शोधार्थी कोतवाली में ही डटी रही, उसका कहना था कि वह संस्थान में वापस नहीं जाना चाहती है। इधर, घटनाक्रम का पता चलने पर आइआइटी के कुछ अधिकारी देर शाम कोतवाली पहुंचे, लेकिन शोधार्थी ने किसी की भी बात सुनने से इन्कार कर दिया। पुलिस अधीक्षक देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि महिला उप निरीक्षक मंशा ध्यानी को मामले की जांच सौंपी गई है।
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