रुड़की: झबरेड़ा रेलवे अंडरपास बना मुसीबत, जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
झबरेड़ा में भारी बारिश के कारण रेलवे अंडरपास में चार फीट पानी भर गया है, जिससे झबरेड़ा-गुरुकुल और झबरेड़ा-मंगलौर मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है। ...और पढ़ें

रेलवे अंडरपास में भरा पानी। जागरण
HighLights
झबरेड़ा अंडरपास में चार फीट पानी भरने से आवाजाही ठप
लोगों को 10 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता लेना पड़ रहा
स्थानीय निवासियों ने रेलवे विभाग और प्रशासन से समाधान मांगा
संवाद सूत्र, झबरेड़ा (रुड़की)। लगातार हो रही भारी वर्षा के बीच झबरेड़ा-गुरुकुल मार्ग और झबरेड़ा मंगलौर मार्ग पर बना रेलवे अंडरपास आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
अंडरपास में चार फीट से भी अधिक पानी भर जाने के कारण आवाजाही लगभग ठप हो गई है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक रास्ते का चक्कर काटना पड़ रहा है।
रेलवे लाइन के नीचे बने अंडरपास में जलभराव के चलते स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।
क्षेत्रीय नागरिक राजवीर सिंह, डाक्टर जोध सिंह, इंद्रेश कुमार, मुकेश कुमार, गुलाब सिंह, अफजाल अली, मुमताज, मुनव्वर हुसैन, अनुज, सौरभ, अमित आदि का कहना है कि जलभराव के कारण अंडरपास से निकलना जान जोखिम में डालने जैसा है।
ग्रामीणों ने बताया कि यदि कोई कार चालक हिम्मत दिखाकर पानी के बीच से निकलने का प्रयास करता है, तो उसकी गाड़ी बीच में ही बंद हो जाती है। इस वजह से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मजबूरन बाइक और कार सवारों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और पेट्रोल दोनों की बर्बादी हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब इस रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा था, तब कस्बे और आसपास के ग्रामीणों ने अंडरपास को सड़क के समतल लेवल में बनाने की मांग को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन किया था, लेकिन रेलवे विभाग ने जनता की जायज मांग को नजरअंदाज करके अंडरपास को गहराई में बना दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे की इसी लापरवाही और अदूरदर्शिता का खामियाजा क्षेत्र के हजारों दैनिक यात्रियों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
हर बार बारिश में यह रास्ता तालाब बन जाता है। स्थानीय जनता ने प्रशासन और रेलवे विभाग से इस समस्या का जल्द से जल्द कोई स्थायी समाधान निकालने और अंडरपास से पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।