हरिद्वार कांवड़ मेले के लिए विशेष यातायात योजना, पिछले अनुभवों से सीख
कांवड़ मेले में पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ के लिए हरिद्वार पुलिस प्रभावी यातायात प्लान बना रही है। ...और पढ़ें

पूर्णिमा स्नान पर्व पर हाइवे पर वाहनों की भारी भीड़: जागरण आर्काइव
HighLights
कांवड़ मेले में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की आमद की आशंका
पूर्णिमा और सोमवती अमावस्या के अनुभवों से सीखा जाएगा
वन-वे, डायवर्जन, पार्किंग से यातायात सुचारू रखने पर फोकस
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। कांवड़ मेले में पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की आमद होने की आशंका पर पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था सुचारू रखना है। इस चुनौती से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन प्रभावी यातायात प्लान बनाने में जुटा है।
हाल के पूर्णिमा और सोमवती अमावस्या स्नान पर्वों के दौरान सामने आई दुश्वारियों को सामने रखते हुए ट्रैफिक प्लान अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी अनावश्यक जाम और परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्रा सीजन के बीच पिछले महीने पूर्णिमा और सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी।
प्रमुख मार्गों, हाईवे और गंगा घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर कई-कई घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
कई स्थानों पर स्थानीय लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में भी कठिनाई हुई, जबकि आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी दिक्कतें सामने आईं। इन सभी बिंदुओं का पुलिस ने विस्तृत विश्लेषण किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने इसी अनुभव के आधार पर कांवड़ मेले के लिए तैयार किए जा रहे ट्रैफिक प्लान में वन-वे व्यवस्था, चरणबद्ध डायवर्जन, अस्थायी पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाने और हाईवे से लेकर शहर के अंदर तक यातायात के बेहतर संचालन पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं।
विभिन्न राज्यों से आने वाले कांवड़ यात्रियों और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए जाएंगे, ताकि अनावश्यक दबाव कम किया जा सके।
शहर के बाहरी इलाकों में पार्किंग
योजना के तहत बाहरी क्षेत्रों में पार्किंग विकसित कर श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था भी सुनिश्चित करने पर विचार किया जा रहा है।
संवेदनशील चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे यातायात संचालन की लगातार निगरानी की जाएगी, जिससे किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति बनने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जा सके।
ट्रैफिक प्रबंधन का उद्देश्य केवल वाहनों की आवाजाही बनाए रखना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना भी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर अंतिम ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। मेले से पहले इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु और वाहन चालक पहले से निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था की जानकारी लेकर ही हरिद्वार पहुंचें।
नवनीत सिंह, एसएसपी
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