पिरान कलियर दरगाह में चढ़ावा गिनती के नए सख्त नियम लागू, कुर्ता-पजामा पहनने पर रोक
दरगाह पिरान कलियर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कुर्ता पजामा पहनने पर रोक लगा दी गई है और सभी कर्मियों की सघन तलाशी की जा रही है। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, रुड़की। दरगाह पिरान कलियर के चढ़ावे की गिनती के दौरान कुर्ता पजामा पहनकर गिनती करने पर रोक लगा दी गई है। सभी कर्मियों की सघन तलाशी की गई। साथ ही इस बार तहसीलदार की निगरानी में ही गिनती हुई है।
देश भर के मंदिरों में चढ़ावा चोरी के बीच दरगाह पिरान कलियर में भी प्रशासन ने दरगाह के चढ़ावे की गिनती को लेकर सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। गिनती के दौरान जहां हाॅल में सीसीटीवी कैमरों की स्पष्टता को ओर अधिक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा जिसकी भी गिनती में ड्यूटी होगी, उसको आई कार्ड पहनकर आना होगा।
आई कार्ड जरूरी
दरगाह के प्रबंधक/तहसीलदार विकास अवस्थी ने बताया कि दरगाह में गिनती के दौरान यह बात सामने आई थी कि कुर्ता पैजामा पहनकर गिनती करते समय कुछ गड़बड़ हो सकती है। कुर्ते की बांह आदि में रुपये छिपाने की आशंका जताई गई थी। पूर्व में इस तरह की शिकायत मिली थी। जिसके चलते इस परिधान पर रोक लगा दी गई है।
इतना ही नहीं लेखपाल या अमीन ही गिनती करेंगे। इस बार उन्होंने खुद अपनी निगरानी में गिनती कराई थी। जिसमें संबंधित बैंक के स्टॉफ को गिनती के लिए लगाया गया था। इस मामले में ओर भी सजगता बरती जा रही है। जो भी एसओपी बन रही है उसका ओर भी सख्ती के साथ पालन किया जाएगा।
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गोलक से निकले 26 लाख रुपये
रुड़की: इसे इत्तेफाक कहे या कुछ और इस बार तहसीलदार की निगरानी में की गई गिनती में एक गोलक से 26 लाख रुपये का चढ़ावा गिना गया है। जबकि पूर्व की गिनती में इस गोलक की गिनती 21 या 22 लाख रुपये तक रहती थी। हालांकि दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी ने बताया कि यह इत्तेफाक हो सकता है। दरगाह प्रबंधक चढ़ावे को लेकर पूरी तरह से सजग है।