रुड़की: 3 माह में 150 नंबर की मानीटरिंग के बाद पकड़े गए चारों संदिग्ध आतंकी
उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर सलमान भट्टी से जुड़े चार संदिग्धों को तीन महीने की निगरानी के बाद गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

मुशर्रफ निवासी ढंडेरा। जागरण आर्काइव
HighLights
एटीएस ने तीन माह की निगरानी के बाद संदिग्धों को पकड़ा
संदिग्ध पाकिस्तानी गैंगस्टर सलमान भट्टी से जुड़े थे
इंटरनेट मीडिया के जरिए बम धमाके की बात कर रहे थे
जागरण संवाददाता, रुड़की। उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के हत्थे चढ़े पाकिस्तानी गैंग्स्टर सलमान भट्टी के संपर्क में रहने वाले चारों संदिग्धों पर तीन माह से नजर थी।
यह शहजाद भट्टी से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संपर्क में थे। इसके बाद करीब 150 नंबर की मानीटरिंग के बाद एटीएस के कान तब खड़े हुए जब आरोपित बम धमाका जैसे शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे।
साथ ही, पाकिस्तान व भारत के अंबाला, जालंधर आदि शहरों के भी नाम ले रहे थे। हालांकि, हरिद्वार पुलिस को अभी विस्तृत पूछताछ का ब्योरा उत्तर प्रदेश पुलिस ने नहीं नहीं दिया है।
दो दिन पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने चार संदिग्ध आतंकवादियों महकाब व शाहरूख निवासी सहारनपुर, गगनदीप उर्फ गुरी निवासी मुजफ्फरनगर, मुशर्रफ निवासी ढंडेरा रुड़की को गिरफ्तार किया था।
चारों इंटरनेट मीडिया के जरिए पाकिस्तान के गैंग्स्टर शहजाद भट्टी और आबिद भट्ट से जुड़े हुए थे। इस दौरान उनकी आपस में इंस्टाग्राम के माध्यम से कई बार बात भी हुई। करीब तीन माह से एटीएस ने करीब 150 मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया था।
ढंडेरा के मुर्शरफ के संपर्क में गांव का सिर्फ एक युवक था, लेकिन कई नंबर ऐसे हैं, जिससे उसकी बात होती थी। सूत्रों की माने तो पुलिस अब उनकी भी तलाश में है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूरी कार्रवाई सहारनपुर में की गई है, जिस मुशर्रफ की बात कही जा रही है वह सहारनपुर में ही रहता है। उप्र पुलिस से अभी पूरी जानकारी नहीं आ पाई है।
देवबंद में ब्रांच खुलने के बाद खुल रहे तमाम मामले
सहारनपुर जिले के देवबंद में एटीएस की एक शाखा खोली गई है। करीब तीन साल से एटीएस लगातार काम कर रही है, जिसकी वजह से इस तरह के मामले अब लगातार खुल रहे हैं। मुशर्रफ की गिरफ्तारी के बाद से अब कुछ और भी राजफाश होने की उम्मीद है।