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    रुड़की की ग्राम प्रधान ने 35 साल की उम्र में पास की 10वीं की परीक्षा, हासिल किए 78.8 % अंक

    Updated: Sun, 26 Apr 2026 07:56 PM (IST)

    ग्राम टोडा कल्याणपुर अहतमाल की ग्राम प्रधान इसराना ने 35 साल की उम्र में हाईस्कूल परीक्षा 78.8% अंकों से पास की है। ...और पढ़ें

    ग्राम टोडा कल्याणपुर अहतमाल की ग्राम प्रधान इसराना ने 35 वर्ष की उम्र में  78.8 प्रतिशत अंक साथ पास की हाईस्कूल की परीक्षा।

    ग्राम टोडा कल्याणपुर अहतमाल की ग्राम प्रधान इसराना ने 35 वर्ष की उम्र में  78.8 प्रतिशत अंक साथ पास की हाईस्कूल की परीक्षा।

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    संवाद सहयोगी, रुड़की। “हौसले उम्र नहीं देखते और सपनों पर किसी का पहरा नहीं होता” इस बात को ग्राम टोडा कल्याणपुर अहतमाल की ग्राम प्रधान इसराना ने सच कर दिखाया है।

    जिम्मेदारियों के बोझ के बीच भी उन्होंने पढ़ाई का दामन नहीं छोड़ा और हाईस्कूल परीक्षा में 78.8 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

    उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल बनकर उभरी है।

    रुड़की ब्लाक के ग्राम टोडा कल्याणपुर अहतमाल की वर्तमान प्रधान इसराना (35) ने चौधरी बालचंद सैनी इंटर कालेज, ढंडेढी ख्वाजगींपुर(रुड़की) से हाईस्कूल परीक्षा में 78.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।

    परिवार और ग्राम पंचायत की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन इसराना ने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से यह कर दिखाया।

    उनका कहना है कि उनके समाज में महिलाओं को अक्सर शिक्षा के अवसर नहीं मिलते और सामाजिक सोच व पारिवारिक जिम्मेदारियां उनके रास्ते में बाधा बनती हैं।

    हालांकि, यदि परिवार का सहयोग मिले तो हालात बदले जा सकते हैं। इस सफलता के पीछे उनके पति एवं उप प्रधान अब्दुल वाजिद का योगदान रहा, जिन्होंने हर कदम पर उन्हें प्रेरित और सहयोग किया।

    इसराना का मानना है कि शिक्षा ही महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाती है, इसलिए महिलाओं को पढ़ाई से जोड़ना समाज के विकास के लिए बेहद जरूरी है।

    ग्राम प्रधान इसराना ने भी महिलाओं से अपील की है कि वे अपने सपनों को दबाएं नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए आगे बढ़ें।

    उनका कहना है कि शिक्षा ही वह ताकत है, जो महिलाओं को आत्मविश्वास देती है और समाज में उनकी पहचान को मजबूत बनाती है।

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