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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छात्रवृत्ति घोटाला: गीताराम नौटियाल पर शिकंजा, गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Tue, 02 Jul 2019 07:47 PM (IST)

फरार चल रहे समाज कल्याण विभाग के सयुंक्त निदेशक गीताराम नौटियाल पर एसआइटी का शिकंजा कसता जा रहा है।

छात्रवृत्ति घोटाला: गीताराम नौटियाल पर शिकंजा, गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी
छात्रवृत्ति घोटाला: गीताराम नौटियाल पर शिकंजा, गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी

हरिद्वार, जेएनएन। छात्रवृत्ति घोटाले में फरार चल रहे समाज कल्याण विभाग के सयुंक्त निदेशक गीताराम नौटियाल पर एसआइटी का शिकंजा कसता जा रहा है। छापेमारी के बावजूद गीताराम के पकड़ में न आने पर एसआइटी कुर्की की कार्रवाई की तरफ बढ़ रही है। कुर्की से पहले भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट देहरादून से गीताराम के गैर जमानती वारंट हासिल करने की तैयारी की गई है।  

छात्रवृत्ति घोटाले में एसआइटी समाज कल्याण विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक अनुराग शंखधर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हरिद्वार और देहरादून जनपद में करोड़ों के गोलमाल में समाज कल्याण विभाग के एक और संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल की भूमिका सवालों के घेरे में है। एसआइटी नौटियाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से भी अनुमति ले चुकी है, लेकिन अंतिम नोटिस जारी करने के बावजूद गीताराम नौटियाल एसआइटी के सामने पेश नहीं हुए। 

एसआइटी ने देहरादून स्थित नौटियाल के आवास और अन्य ठिकानों पर दबिश भी दी है, पर गीताराम का कोई सुराग नहीं मिल सका है। संभवत: बुधवार या गुरुवार को जांच अधिकारी एएसपी आयुष अग्रवाल की ओर से प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। एसआइटी ने नौटियाल की गिरफ्तारी के लिए जाल भी बिछाया हुआ है, मगर वह भूमिगत है। नौटियाल के उत्तराखंड की सीमा से बाहर होने की चर्चाएं भी बनी हुई हैं। 

बहरहाल एक बात साफ है कि गीताराम नौटियाल पर कानूनी शिकंजा कसने पर उन्हें या तो एसआइटी गिरफ्तार कर लेगी, या फिर नौटियाल को खुद सरेंडर करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

रिटायर्ड अधिकारियों को दी मोहलत

गीताराम नौटियाल की गिरफ्तारी न होने के कारण रिटायर्ड अधिकारियों से भी पूछताछ नहीं हो पा रही है। जबकि तीनों रिटायर्ड सहायक समाज कल्याण अधिकारी कई मर्तबा खुद एसआइटी के सामने पेश हो चुके हैं। एसआइटी ने उन्हें अब पूछताछ के लिए तीन-चार दिन की मोहलत दे दी है। एएसपी आयुष अग्रवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों लोगों को तीन चार दिन बाद पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

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