हरिद्वार: LPG संकट के बीच छात्राओं का अनोखा प्रशिक्षण, लकड़ी के चूल्हे पर सीखा भोजन बनाना
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्राओं को स्काउट गाइड प्रशिक्षण के तहत पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाना सिखाया गया। ...और पढ़ें

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में स्काउट गाइड प्रशिक्षण के दौरान लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती छात्राएं। जागरण

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संवाद सूत्र, बहादराबाद (हरिद्वार)। एलपीजी संकट के बीच जहां लोग मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेने लगे हैं, वहीं उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्राओं ने इसे सीख के रूप में अपनाया।
विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में स्काउट गाइड प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को पारंपरिक लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच भोजन तैयार करने का अभ्यास किया।
प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को विभिन्न दलों में विभाजित किया गया। प्रतिभागियों ने सीमित संसाधनों में स्वच्छता, संतुलन, समयबद्धता और समन्वय के साथ भोजन तैयार किया।
इस दौरान उन्हें ईंधन की व्यवस्था, सामग्री के चयन, स्वच्छता बनाए रखने और भोजन परोसने के तरीके की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षक पुरवेंद्र कुमार ने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार करना है।
भोजन-पाक जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।
प्रशिक्षक महिपाल शर्मा ने कहा कि जब विद्यार्थी स्वयं श्रम करते हैं, मिलकर योजना बनाते हैं और सीमित साधनों में कार्य पूरा करते हैं, तभी उनमें नेतृत्व क्षमता, सहयोग और आत्मविश्वास का विकास होता है।
शिक्षा शास्त्र विभाग की प्रभारी विभागाध्यक्ष डा. बिंदुमती द्विवेदी ने कहा कि विद्यालयी और उच्च शिक्षा में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण भी आवश्यक है।
स्काउट-गाइड प्रशिक्षण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को समग्रता प्रदान करता है और उन्हें सामाजिक, नैतिक तथा व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाता है।
स्काउट-गाइड संयोजक डा. सुमन प्रसाद भट्ट ने कहा कि भोजन-पाक व्यवस्था जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर जीवन के महत्व से परिचित कराती हैं।
सत्र संयोजिका मीनाक्षी सिंह रावत ने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए शिक्षाप्रद और स्मरणीय रहा।
ऐसी गतिविधियां कौशल विकास के साथ-साथ समूह में रहकर सीखने, नेतृत्व करने और अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने का अवसर भी प्रदान करती हैं। इस मौके पर प्रो. अरविंद नारायण मिश्र आदि मौजूद रहे।
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