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    ब्लागर ज्योति अधिकारी को हल्द्वानी में मिली जमानत, खटीमा वारंट ने रोकी रिहाई

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 11:36 AM (IST)

    ब्लागर ज्योति अधिकारी को हल्द्वानी के मुखानी थाने में दर्ज मामलों में जमानत मिल गई, लेकिन खटीमा से आए बी-वारंट के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी। ज्योति ...और पढ़ें

    देवी-देवताओं और पहाड़ की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी का मामला। जागरण

    देवी-देवताओं और पहाड़ की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी का मामला। जागरण

    HighLights

    1. हल्द्वानी के मुखानी थाने के मामलों में मिली जमानत।

    2. खटीमा से पहुंचे बी-वारंट के कारण रिहाई रुकी।

    3. देवी-देवताओं और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी का आरोप।

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। ब्लागर ज्योति अधिकारी को मंगलवार को हल्द्वानी के मुखानी थाने में दर्ज मामलों में जमानत मिलने के बावजूद जेल से उसकी रिहाई नहीं हो सकी। दरअसल, ज्योति के ऊपर ऊधम सिंह नगर और अल्मोड़ा जिले में भी प्राथमिकी दर्ज हुई थी। खटीमा के मामले में पुलिस ने जेल प्रशासन के पास बी-वारंट पहुंचा दिया। जिस वजह से ब्लागर को जेल में ही रहना पड़ा। बुधवार को उसे दूसरी कोर्ट में पेश किया जाएगा।

    ब्लागर ज्योति अधिकारी पर पहला केस मुखानी थाने में दर्ज हुआ था। जूही चुफाल नाम की युवती ने तहरीर सौंप आरोप लगाया था कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में ब्लागर ज्योति अधिकारी देवी-देवताओं से लेकर पहाड़ की महिला पर अभद्र टिप्पणी करने के साथ ही सार्वजनिक स्थान पर दराती लहराते हुए नजर आ रही है। जिसके बाद पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने, आर्म्स एक्ट आदि धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

    इसके बाद आठ जनवरी को ज्योति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद मुखानी थाने में उसके ऊपर वादी को धमकाने के आरोप में पुलिस एक केस और दर्ज कर दिया। दूसरी तरफ प्रसारित वीडियो के आधार पर ज्योति के विरुद्ध बाद में खटीमा, रुद्रपुर और अल्मोड़ा भी प्राथमिकी हो गई।

    वहीं, मंगलवार को मुखानी में दर्ज मामलों में जमानत को लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल ठाकुर की अदालत में सुनवाई के बाद जमानत मंजूर भी हो गई। ज्योति के स्वजन व परिचितों को लगा कि शाम तक हीरानगर स्थित उपकारागार में बंद ज्योति बाहर आ जाएगी। लेकिन यह संभव नहीं हो सका।

    मामले को लेकर जेल अधीक्षक प्रमोद पांडे ने बताया कि खटीमा में दर्ज हुई प्राथमिकी को लेकर पुलिस ने बी-वारंट दाखिल कर दिया था। जिस वजह से रिहाई नहीं हो सकी।

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    लंबी दलीलें, वीडियो में माफी मांगने को भी तैयार
    ज्योति की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट, गौरव कपूर व अन्य ने कोर्ट में पैरवी करते हुए जमानत को लेकर कई दलीलें दी थी। बचाव पक्ष का कहना था कि ज्योति का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना व भड़काना नहीं था। त

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    हरीर में वीडियो की तारीख या स्थान का जिक्र भी नहीं है। दराती पकड़ने का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। समाज में यह संदेश पहुंचाने के लिए ज्योति वीडियो बनाकर माफी मांगने को भी तैयार है।