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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    फरियादियों की समस्याएं सुनने के लिए नहीं कोर्इ अधिकारी, यह कैसा जनता दरबार

    By raksha.panthariEdited By:
    Updated: Thu, 31 Aug 2017 09:00 PM (IST)

    हल्द्वानी में सीएम के जनता दरबार से फरियादी खुश नजर नहीं आए। उनका कहना है कि जब जनता दरबार में विभिन्न विभागों के अधिकारी ही मौजूद नहीं तो समस्याओं का ...और पढ़ें

    फरियादियों की समस्याएं सुनने के लिए नहीं कोर्इ अधिकारी, यह कैसा जनता दरबार
    फरियादियों की समस्याएं सुनने के लिए नहीं कोर्इ अधिकारी, यह कैसा जनता दरबार

    हल्द्वानी, [जेएनएन]: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता की समस्याओं को सुनने के लिए जनता दरबार लगाया। लेकिन हैरानी की बात रही कि इस जनता दरबार में लोगों की परेशानियां सुनने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं थे। जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली। 

    हल्द्वानी के बीजेपी कार्यालय में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जन समस्याओं के निराकरण के लिए जनता दरबार लगाया। लेकिन इस जनता दरबार में सीएम के अलावा संबंधित विभागों के किसी भी अधिकारी को नहीं बुलाया गया, जिससे यह आयोजन सिर्फ ज्ञापन लेने तक ही सिमट कर रह गया। 

    जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों का कहना है कि जब तक समस्या सीधे अधिकारियों के सामने नहीं रखी जाएंगी। तब तक समाधान की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के जनता दरबार का आयोजन कर महज खानापूर्ति की गर्इ है। बीजेपी कार्यकर्ता खुद भी इस तरीके के आयोजन को लेकर नाखुश दिखे। 

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