कार्बेट रेस्क्यू सेंटर में बनेगा क्वारंटीन भवन, सात दिन रहेंगे बाघ-गुलदार
कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेस्क्यू सेंटर में वन्यजीवों के लिए क्वारंटीन भवन बनाया जाएगा। बाहर से लाए गए बाघ, गुलदार सात दिन क्वारंटीन में रहकर ही म ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, रामनगर। कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में वन्य जीवों के लिए अब क्वारंटीन भवन बनाया जाएगा।
मार्च माह में शासन से इसके लिए 30 लाख का बजट भी स्वीकृत हो गया। लेकिन अभी क्वारंटीन सेंटर बनने की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। देरी होने पर कार्बेट के निदेशक की ओर से लोनिवि को पत्र लिखा गया है।
बनाया गया रेस्क्यू सेंटर
कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत ढेला गांव में रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। यहां घायल, बीमार बाघ, गुलदार समेत विभिन्न वन्य जीवों का उपचार होता है। साथ ही रामनगर व बाहरी क्षेत्रों से रेस्क्यू किए गए बाघ, गुलदारों को भी यहां रखा जाता है।
रेस्क्यू कर लाए गए बीमार बाघ या गुलदार को कोई गंभीर बीमार होने की स्थिति में उससे ढेला में रखे अन्य वन्य जीव भी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए कार्बेट की ओर से क्वारंटीन सेंटर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। बाहर से लाए गए वन्य जीव को सात दिन तक क्वारंटीन सेंटर में रखने के बाद रेस्क्यू सेंटर में छोड़ा जाता है।
वर्ष 2025-26 में मार्च माह में इस योजना के लिए 30 लाख रुपये की स्वीकृति मिल गई थी। कार्बेट की ओर से यह धनराशि सेंटर बनाने के लिए लोनिवि को दे दी गई थी, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी अभी तक क्वारंटीन सेंटर की नींव नहीं रखी गई है।
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लोनिवि के अधिकारियों को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए दोबारा पत्र लिखा गया है। लोनिवि इस संबंध में टेंडर आदि की कार्रवाई कर रहा है। क्वारंटीन सेंटर में सात दिन तक वन्य जीवों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट सामान्य होने के बाद ही वन्य जीव को रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा। - साकेत बडोला, निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर
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