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    आरटीई भुगतान में देरी, हल्द्वानी के निजी स्कूल एक साल से कर रहे फीस का इंतजार

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 11:43 AM (IST)

    हल्द्वानी ब्लॉक के निजी स्कूलों को शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत बच्चों की फीस का भुगतान एक साल से रुका हुआ है। ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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    सुमित जोशी, हल्द्वानी। शिक्षा विभाग निजी स्कूलों को शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निश्शुल्क पढ़ रहे बच्चों की फीस समय पर नहीं दे रहा है।

    हल्द्वानी ब्लाक के 300 से अधिक विद्यालयों को पिछले एक वर्ष से रकम नहीं मिली है। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद पिछले 12 करोड़ रुपये से अधिक अभी तक नहीं मिले हैं।

    पब्लिक स्कूल एसोसिएशन (पीएसए) स्कूलों का दो लाख से 15 लाख रुपये तक बकाया होने का दावा कर रही है। इससे विद्यालय प्रबंधकों में सिस्टम के विरुद्ध नाराजगी बनी हुई है।

    आठ हजार से अधिक बच्चे अध्ययनरत

    विभागीय जानकारी के अनुसार हल्द्वानी क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों में आठ हजार से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। नियमों के तहत हर छह महीने में विद्यालयों को आरटीई की रकम का भुगतान किया जाना चाहिए। आर मीनाक्षी सुंदरम ने पूर्व में शिक्षा सचिव रहते हुए अधिकारियों को समय पर भुगतान के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद धनराशि आवंटन में देरी हो रही है।

    हालांकि, अधिकारी निश्शुल्क पढ़ाई कर रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन पूरा नहीं होने की वजह से रकम जारी होने में देरी की बात कह रहे हैं। इसके पीछे शिक्षक और कर्मचारियों की पहले भवन गणना और फिर एसआइआर में ड्यूटी लगने का हवाला दिया जा रहा है। लेकिन, जुलाई में इन कार्यों से मुक्त होने के बाद आरटीई की रकम सत्यापन रिपोर्ट आने के साथ ही एकाएक जारी करने की बात कही जा रही है।

    मई में आया पहली छमाही का बजट

    शिक्षा विभाग का खंड कार्यालय जांच के बाद स्कूलों को आरटीई की रकम जारी करता है। लेकिन, पिछले सत्र की पहली छमाही का बजट ही बीते मई में जारी होने की बात सामने आई है। जिसमें सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर 20 से 25 विद्यालयों को धनराशि जारी करने की बात कही जा रही है। दूसरी छमाही का बजट अभी लटका हुआ है।

    नया सत्र शुरू हुए तीन माह गुजर चुके हैं, लेकिन स्कूलों को अभी तक आरटीई की पिछली रकम नहीं मिली है। छह-छह महीने में भुगतान का नियम है। समय धनराशि जारी की जाए। - कैलाश भगत, अध्यक्ष, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन

    आरटीई के तहत पढ़ाई कर रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही स्कूलों को धनराशि जारी की जाती है। कुछ स्कूलों को भुगतान कर दिया गया है। शेष को जांच के बाद माह आवंटन कर दिया जाएगा। - तारा सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी

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