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    कब्रिस्तान में भी 'अपनों' और 'बाहरी' का भेद? उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दिया रोक वाला बोर्ड हटाने का आदेश

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 07:49 PM (IST)

    उत्तराखंड हाई कोर्ट ने देहरादून के मोरोवाला कब्रिस्तान में शव दफनाने पर रोक लगाने वाले बोर्ड को हटाने का आदेश दिया है। ...और पढ़ें

    उत्तराखंड हाई कोर्ट।

    उत्तराखंड हाई कोर्ट।

    HighLights

    1. देहरादून कब्रिस्तान में शव दफनाने पर रोक हटाने का आदेश

    2. हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी देहरादून को बोर्ड हटाने को कहा

    3. याचिकाकर्ता ने संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया

    जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने देहरादून के मोरोवाला में कब्रिस्तान की कमेटी की ओर से कब्रिस्तान में चहेतों के अलावा अन्य मुर्दों के दफन पर लगाई रोक के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई की।

    कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए जिलाधिकारी देहरादून को कब्रिस्तान कमेटी की ओर से मुर्दों को दफन करने से रोकने से संंबंधित बोर्ड को हटाने को कहा है। मुर्दों को दफन करने से क्यों रोका जा रहा है, इस पर विधि अनुसार निर्णय लें।

    वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में देहरादून निवासी अख्तर हुसैन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई।

    जिसमें कहा गया है कि देहरादून के क्लेमेनटाउन मोरोवाला के कब्रिस्तान में स्थानीय कमेटी ने बाहरी लोगों के शव दफनाने पर आपत्ति जताते हुए रोक लगा दी है।

    साथ ही साइन बोर्ड भी लगाकर कहा है कि बाहरी लोगो को यहां शव दफन करने की अनुमति नहीं है, जो कि भारतीय संविधान में नागरिकों को दिए गए अधिकारों का उल्लंघन है।

    याचिकाकर्ता का कहना है कि सालों से रह रहे हैं। उनके पूर्वज को भी इसी कब्रिस्तान में दफन किया गया है। अब एक स्थानीय कमेटी की ओर से मोरोवाला कब्रिस्तान में बोर्ड लगाकर शव दफनाने में रोक लगा दी है।

    यह कहा जा रहा है कि इस कब्रगाह में उनके ही लोग दफन किये जा सकेंगे, अन्य नहीं। याचिका में कोर्ट से स्थानीय कमेटी की मनमानी पर रोक लगाने के साथ ही शवों को दफनाने की इजाजत देने की प्रार्थना की है।

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