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खरगे रैली शुद्धीकरण विवाद: हल्द्वानी में कांग्रेस का मौन प्रदर्शन, भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप

Published: Sun, 30 Aug 2026 11:00 AM (IST)Updated: Sun, 30 Aug 2026 05:53 PM (IST)

हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान के 'शुद्धीकरण' के विरोध में कांग्रेस ने मौन धरना दिया।

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में आयोजित रैली के बाद हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम के विरोध में रविवार को कांग्रेसी रामलीला मैदान में मौन धरने पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन चंद्र कापड़ी, विधायक सुमित हृदयेश समेत अन्य पदाधिकारी भी यहां जुटे थे।

कार्यक्रम से पूर्व कांग्रेसियों ने कहा इस मुद्दे के राज्यसभा में उठने पर नेता सदन और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी दुख व्यक्त करते हुए जांच की बात कही थी।

उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शुद्धीकरण करने वाले लोगों का समर्थन कर रहे हैं। जिससे भाजपा की असलियत का पता चलता है। ये लोग संविधान और सामाजिक समानता के विरोधी है। यह मौन व्रत भाजपा की फैलाई कुंठित और दलित विरोधी मानसिकता के विरुद्ध है।

मौन कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिली

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम के विरोध में रविवार शाम रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले मौन कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिली। 

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल आर्य ने आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी थी। लेकिन पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अनुमति देने से इंकार कर दिया गया। कांग्रेसियों को शहर के तय धरनास्थल यानी बुद्ध् पार्क में कार्यक्रम करने को कहा गया है।

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वहीं, आयोजनकर्ता आर्य ने कहा कि समानता, समरसता और भाई-चारे के संदेश के साथ शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम आयोजित होना था।

अगर उन्हें बुुद्ध् पार्क में ही कार्यक्रम करना था तो अनुमति क्यों मांगते? शुद्धीकरण के माध्यम से भाजपा ने संविधान की मूल भावना का अपमान किया है। सीएम के दौरे के बाद ही प्रशासन ने अनुमति देने से मना किया है। लेकिन कांग्रेसी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रामलीला मैदान में ही कार्यक्रम करेंगे।

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