नैनीताल में मूसलधार बारिश से उफनाई झील, जलस्तर में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी
नैनीताल में मानसून की तेज बारिश से सरोवर नगरी में जलभराव हुआ और नैनी झील का जलस्तर बढ़कर 83.6 फीट पहुंच गया है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
नैनी झील का जलस्तर 83.6 फीट पहुंचा
इस माह झील में 3.5 फीट की बढ़ोतरी
मलबा आने से कई सड़कें बंद हुईं
जागरण संवादाता, नैनीताल। सरोवर नगरी में शनिवार को मानसून की तेज बारिश में नाले उफना गए तो सड़कों पर भी जलभराव हुआ।
लगातार हो रही बारिश से झील का जलस्तर 83.6 फीट पहुंच गया है, जबकि इस माह अभी तक 427 मिमी बारिश हो चुकी है। इस माह झील का जलस्तर 3.5 फीट बढ़ा है।
जुलाई का महीना मानसून की बारिश के लिहाज अनुकूल बना हुआ है। इस माह बीच में कुछ दिन मानसून में ब्रेक लगने से वर्षा नहीं हुई, लेकिन करीब 20 दिन अच्छी बारिश के साथ बीता है। जिसके चलते इस महीने झील के जल स्तर में 3.5 फीट बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
झील को पूरी तरह से भरने में 5.5 फीट पानी की जरूरत और है। झील का सर्वाधिक जल स्तर 89 फीट है। इधर शनिवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई बारिश दोपहर 1.30 बजे तक जारी रही। इस दौरान लोअर मालरोड और मल्लीताल मैदान पर जलभराव हो गया।
वर्षा थमने के बाद जन जीवन सामान्य हो सका। मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहेगा और बारिश का क्रम जारी रहेगा।
इधर जीआइसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आद्रता अधिकतम 95 व न्यूनतम 70 प्रतिशत रही।
बारिश 24 घंटे में 25 मिमी हुई। नैनी झील का जलस्तर 83.6 फीट पहुंच गया है। उधर लगातार बारिश से सप्ताहांत पर पर्यटकों की आमद में आंशिक कमी आई है।
उधर मलबा आने व भूस्खलन कैंची-हरतपा मार्ग, सेनिटोरियम-सिरोड़ी या कैंची बाइपास, खनस्यू-टांडा मार्ग, स्यूड़ा-कोंता-ककोड़-हरीशताल मार्ग बंद है। इन मार्गों को खोलने के प्रयास जारी हैं।
खतरा बने पेड़ की टहनियां काटी
शहर की माल रोड पर बारिश में तिरछा हो चुके पेड़ की टहनियों को वन विभाग के कर्मचारियों ने काटकर खतरा टाल दिया है। पेड़ की टहनियां बिजली की लाइन छूने लगी थी। शनिवार दोपहर बाद वन विभाग की ओर से मजदूर लगाकर पेड़ की टहनियों का पातन किया गया।