नैनीताल नाबालिग दुष्कर्म, आरोपी उस्मान की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की
नैनीताल में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी मोहम्मद उस्मान को सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिली है। ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट का हाई कोर्ट के निर्णय पर हस्तक्षेप से इन्कार, एसएलपी खारिज.

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, नैनीताल। शहर की बालिका के साथ यौन शोषण का आरोपित ठेकेदार मोहम्मद उस्मान जेल में ही रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की ओर से उसकी जमानत खारिज करने के आदेश पर हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया है।
दरअसल 30 अप्रैल 2025 को नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र की बालिका की मां की ओर से कोतवाली में उस्मान पर बेटी का यौन शोषण करने का मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने उसी दिन उस्मान को गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में जिला विकास प्राधिकरण की ओर से उस्मान के रुकुट कम्पाउंड स्थित मकान को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया था, जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी।
राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था मामला
घटना के विरोध में स्थानीय लोगों के साथ ही हिंदूवादी संगठन भड़क उठे और उन्होंने रात में ही उग्र प्रदर्शन करने के साथ बाजार में तोड़फोड़ की। गुस्साए लोगों ने बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। विहिप सहित हिन्दू संगठनों की ओर से आरोपित को फांसी की सजा देने व बाहरी तत्वों से हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव के विरुद्ध रैली निकाली।
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था। ट्रायल कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद उस्मान की ओर से हाई कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। लगातार सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 27 फरवरी को उस्मान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इस निर्णय के विरुद्ध उस्मान की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर देते हुए जमानत मांगी गई।
खबरें और भी
पांच मई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार, जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई आधार या कारण नहीं मिला। कोर्ट ने इस आधार पर उस्मान की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।