क्या इस बार भी रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया? कब राखी बांध सकेंगी बहनें? ये है शुभ मुहूर्त
इस वर्ष रक्षाबंधन का महापर्व 28 अगस्त को शुभ संयोग में मनाया जाएगा।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।
HighLights
रक्षाबंधन 28 अगस्त को शुभ संयोग में मनाया जाएगा
भद्रा रहित पूर्णिमा, बहनें पूरे दिन राखी बांध सकेंगी
श्रावणी उपाकर्म में ऋषि तर्पण, नया जनेऊ धारण करें
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। इस वर्ष श्रावणी उपाकर्म और रक्षाबंधन का महापर्व 28 अगस्त को अत्यंत शुभ संयोग में मनाया जाएगा। इस बार पूर्णिमा तिथि सूर्योदय से लेकर सुबह 9:48 बजे तक रहेगी।
उदय व्यापिनी पूर्णिमा पूरी तरह भद्रा रहित है इसलिए सूर्योदय से लेकर पूरे दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। हालांकि, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक राहुकाल रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य डा. नवीन जोशी ने बताया कि सनातन धर्म में श्रावणी उपाकर्म का विशेष महत्व है। पूर्णिमा तिथि में ऋषि तर्पण, नया जनेऊ धारण और रक्षा प्रतिष्ठा करना सूर्योदय से प्रातः 9:48 बजे तक सर्वोत्तम माना गया है। इस दौरान महासंकल्प, गणेश पूजन और अरुंधती सहित सप्तऋषियों के पूजन के बाद विधिवत प्रतिष्ठापित जनेऊ धारण किया जाएगा।
श्रावणी पूर्णिमा को विश्व संस्कृत दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य पवन पाठक ने बताया कि 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा इसलिए यहां इसका कोई सूतक या धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं रहेगा।
