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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    तीर्थ नगरों में नशीली वस्तुओं की बिक्री पर होगी पाबंदी: हाई कोर्ट

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Fri, 09 Dec 2016 05:07 AM (IST)

    हाई कोर्ट ने तीर्थनगरी ऋषिकेश समेत रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिले में अगले वित्तीय वर्ष से शराब, बीयर व नशीली वस्तुओं की बिक्री पर पूर्ण पाबंदी ...और पढ़ें

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    नैनीताल, [जेएनएन]: नशाबंदी की दिशा में हाई कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीर्थनगरी ऋषिकेश समेत रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिले में अगले वित्तीय वर्ष से शराब, बीयर व नशीली वस्तुओं की बिक्री पर पूर्ण पाबंदी लगाने के आदेश पारित किए हैं।

    साथ ही शासन को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राज्य में कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर शराब व नशीली वस्तुओं का सेवन न कर पाए। कोर्ट ने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब, रीठासाहिब व हेमकुंड साहिब के पांच किमी दायरे में तंबाकू के सेवन व बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

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    अगले वित्तीय वर्ष से सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सालयों व धार्मिक स्थलों के एक किलोमीटर दायरे में कोई भी शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। हरिद्वार निवासी उदय नारायण तिवारी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऋषिकेश व चारधाम यात्रा मार्ग में बैंक्वेट हॉल में बार चलाए जा रहे हैं। पिछले दिनों में वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई पूरी कर दी थी।

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    गुरुवार को फैसला जारी किया गया। आदेश में राज्य सरकार से राज्य में धीरे-धीरे शराब की बिक्री कम करने के निर्देश देते हुए कहा है कि आम जनता का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण अधिकार है। शराब की वजह से आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। कोर्ट ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति शराब पीकर किसी तरह का शोर शराबा या हुड़दंग न करे इसके लिए सरकार प्रयास करे। यही नहीं कोई व्यक्ति अपने घर या परिसर में शराबियों को एकत्र नहीं करेगा।

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