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    SIR: बीएलओ आए और आप घर पर नहीं थे, तो नो टेंशन; उनके मोबाइल पर कर सकेंगे कॉल

    Updated: Wed, 27 May 2026 02:07 PM (GMT+05:30)

    विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत, बीएलओ अब मतदाताओं के घर बंद मिलने पर दोबारा आने की तारीख और अपना मोबाइल नंबर स्टीकर पर लिखेंगे। ...और पढ़ें

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर फार्म लेकर वोटरों के पास पहुंचने वाले बीएलओ को अगर घर बंद मिला तो वह बाहर एक स्टीकर चस्पा करेंगे जिसमें बीएलओ का नाम, मोबाइल नंबर के साथ ही यह भी लिखा जाएगा कि वह किस तारीख को वह घर आए थे।

    अब अगली बार किस दिए आएंगे वह तारीख भी लिखनी होगी। निर्वाचन आयोग की पूरी कोशिश है कि किसी भी हाल में मतदाता एसआईआर प्रक्रिया से वंचित न रहे। इसलिए यह रणनीति अपनाई गई। इसके अलावा घर बंद मिलने पर वह फार्म को दरवाजे से अंदर खिसका देंगे। ताकि मतदाता के घर पहुंचने पर फार्म मिल जाए।

    विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर का दौर

    उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर का दौर शुरू होगा। सबसे अहम प्रक्रिया डोर टू डोर सर्वे के माध्यम से फार्म भरवाने की है। हर वोटर को दो फार्म भरने होंगे। एक बीएलओ को देना होगा। दूसरा प्रमाण के तौर पर उसके पास रहेगा।

    आठ जून से सात जुलाई तक बीएलओ घर-घर फार्म लेकर पहुंचेंगे। हर विधानसभा में बूथों की संख्या के आधार पर बीएलओ की नियुक्ति की गई है। वोटर की तलाश में कार्मिक तीन बार घर आएंगे।

    पहली बार घर पहुंचने पर कोई नहीं मिला तो फार्म को गेट या दरवाजे से अंदर को डाल दिया जाएगा। जाते समय बीएलओ घर के बाहर स्टीकर चिपका बताएगा कि वह कब आया था और आगे किस दिन आएगा।

    मोबाइल नंबर और नाम भी लिखने की वजह से घर पहुंचने पर वोटरों को भी संपर्क करने में दिक्क्कत नहीं आएगी। हल्द्वानी विधानसभा के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एपी वाजपेयी ने बताया कि सभी बीएलओ को निर्देश है कि बंद घरों में तीन बार जाना होगा। ताकि वोटर से संपर्क हो सके।

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    इन वजहों से पहली बार में वोटर नहीं मिल सकते

    स्कूलों में अवकाश और बढ़ते पारे की वजह से हर साल जून में हल्द्वानी में रहने वाले कई परिवार गांव (पहाड़) चले जाते हैं। इसके अलावा कई जगहों पर पति-पत्नी दोनों के नौकरीपेशा होने या किसी कारोबार से जुड़े होने के कारण यह समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए बीएलओ को तीन बार घर जाना होगा।

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