नैनीताल में शादी समारोह में गाना बजाने के विवाद ने ली जान, तीन दोषियों को आजीवन कारावास
नैनीताल की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की कोर्ट ने भवाली में शादी समारोह में संगीत बजाने को लेकर हुए विवाद में नवीन चंद्र आर्य की हत्या के ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, नैनीताल। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की कोर्ट ने भवाली क्षेत्र में शादी समारोह में म्यूजिक सिस्टम पर गीत बजाने को लेकर विवाद के बाद नवीन चंद्र आर्य की हत्या मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की रकम में से डेढ़ लाख रुपये मृतक के स्वजन को प्रदान करने के आदेश भी पारित किए गए हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम सिंह रौतेला के अनुसार 20 दिसंबर 2021 की रात भवाली में तिरछाखेत मार्ग पर नैनी बैंड के निकट नवीन चंद्र आर्य की हत्या कर शव फेंका गया था।
इस मामले में मृतक के भाई तिरछाखेत निवासी राजेंद्र ने कोतवाली भवाली में मोहित कुमार आर्या निवासी तल्ला तिरछाखेत, भवाली, आकाश सिंह निवासी लल्ली मंदिर, भवाली, नीलेश कुमार आर्या निवासी हरसौली, भवाली तथा एक अन्य के विरुद्ध तहरीर देकर हत्या करने का संदेह प्रकट किया।
मुकदमा दर्ज करने के बाद प्रभारी निरीक्षक प्रकाश मेहरा की ओर से अभियुक्तों के विरुद्ध धारा-302 के तहत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सीजेएम कोर्ट से इस मामले को सत्र न्यायालय भेजा गया, इसके बाद आरोप तय किए गए।
अभियुक्तों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनका नवीन के साथ कोई विवाद नहीं हुआ था। इस मामले में मृतक के भाई राजेंद्र की ओर से कोर्ट में बयान देकर कहा कि 20 दिसंबर को नवीन को भवाली में रात को देखा गया था और आरोपित भी उसके आसपास मौजूद थे।
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राजेंद्र के अनुसार छोटे भाई की शादी के दिन शाम को समारोह में म्यूजिक सिस्टम पर गीत बजाने के चक्कर में भाई नवीन की मोहित के साथ हाथापाई हो गई थी। बीच बचाव कर झगड़ा शांत कर दिया था, लेकिन तब से मोहित कुमार नवीन से रंजिश रखने लगा था।
शादी के दस-12 दिन बाद भी मोहित की बहन की शादी में भी मोहित व नवीन के बीच झगड़ा हुआ था। रंजिशन मोहित ने साथियों के साथ मिलकर नवीन की हत्या कर दी।
अभियोजन की ओर से आरोप साबित करने के लिए एक दर्जन गवाहों के अलावा 87 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।
गवाहों के बयान तथा अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनाने के बाद अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।