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    Corbett Tiger Reserve में मोबाइल बैन, पर दूरबीन-कैमरे पर परमिशन क्यों? स्टेक होल्डर उठा रहे सवाल

    Updated: Sat, 07 Feb 2026 08:18 AM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, हितधारक सवाल उठा रहे हैं कि दूरबीन औ ...और पढ़ें

    अन्य पाबंदियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। फाइल फोटो

    अन्य पाबंदियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। फाइल फोटो

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    जागरण संवाददाता, नैनीताल। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व में पार्क प्रशासन ने पर्यटकों के मोबाइल फोन पर पाबंदी लगा दी, जबकि अन्य पाबंदियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

    स्टेक होल्डर सवाल उठा रहे हैं कि जब मोबाइल पर पाबंदी लगा दी है, तो दूरबीन व कैमरे के साथ अनुमति क्यों दी जा रही है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट की ओर से सीटीआर को लेकर एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया था। कमेटी की सिफारिश के बाद ही दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    कमेटी ने यह की सिफारिशें

    • बफर जोन के भीतर नए इको-फ्रेंडली रिसार्ट की अनुमति दी जा सकती है लेकिन टाइगर कारिडोर में रिसार्ट पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाए। सामुदायिक प्रबंधन आधारित होम स्टे को बढ़ावा दिया जाए।
    • पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए, जीरो वेस्ट प्रैक्टिस को आवश्यक बनाया जाए।
    • पूरे सीटीआर को इससे संबंधित क्षेत्र में साइलेंस जोन बनाए जाएं।
    • वन्य जीवों के संरक्षण के लिए कोर हैबिटेट के टूरिज्म जोन के अंदर मोबाइल फोन के प्रयोग पर रोक लगा दी। एनटीसीए की ओर से तय की गई वाहनों की तय क्षमता को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया।
    • कोर एरिया में पर्यटकों के रात में रुकने की सुविधाओं को पूरी तरह से समाप्त करने और नाइट टूरिज्म पर पूरी तरह से प्रतिबंध।
    • जिन रिजर्व में सड़कें व कोर या क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट से होकर गुजरती हैं, वहां रात के समय यातायात पर प्रतिबंध लगाया जाए। केवल आतवाहनों व एंबुलेंस को शाम से सुबह तक चलने की अनुमति दी जाए।

    सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर ही मोबाइल पर पाबंदी लगाई गई है। गाइडलाइन में दूरबीन व कैमरे शामिल नहीं हैं। अन्य दिशा-निर्देशों को भी लागू किया जा रहा है। - साकेत बडोला, निदेशक सीटीआर

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