Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    वीरों की धरती उत्तराखंड को मिला बड़ा सम्मान, गढ़वाल रेजिमेंट के पूर्व अधिकारी बने नए सीडीएस

    Updated: Sun, 10 May 2026 12:03 AM (GMT+05:30)

    लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेनि) देश के तीसरे सीडीएस नियुक्त हुए हैं, जो गढ़वाल राइफल्स के 139 साल के इतिहास में फोर-स्टार जनरल बनने वाले पहल ...और पढ़ें

    लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने नये सीडीएस। फोटो: साभार- गढ़वाल रेजिमेंट

    लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने नये सीडीएस। फोटो: साभार- गढ़वाल रेजिमेंट

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    अनुज खंडेलवाल, लैंसडौन (पौड़ी)। देश के नवनियुक्त तीसरे चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेनि) भले ही मूलरूप से उत्तराखंड के निवासी नहीं हैं, लेकिन उनका उत्तराखंड से गहरा नाता रहा है।

    वह 24 अप्रैल 2022 से 27 जून 2025 तक गढ़वाल राइफल्स व गढ़वाल स्काउट में 22-वें कर्नल आफ द रेजिमेंट के पद पर तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने गढ़वाल राइफल्स के उत्थान को कई अभूतपूर्व निर्णय लिए।

    Lieutenant General NS Raja Subraman

    गढ़वाल रेजिमेंट के 139 वर्षों के इतिहास में वे ऐसे पहले अधिकारी हैं, जिन्हें फोर स्टार जनरल का पद प्राप्त हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर (जीआरसीसी) के स्वर्णिम सफर में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

    देश के पहले व दूसरे सीडीएस जनरल बिपिन रावत और जनरल अनिल चौहान मूलरूप से उत्तराखंड के निवासी रहे हैं।

    लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेनि) का चार दशक का सैन्य सफर उपलब्धियों से भरा पड़ा है। उनका आपरेशनल व नीतिगत अनुभव बेजोड़ है।

    Lieutenant General NS Raja Subraman in lansdowne

    वह जब भी जीआरसीसी के मुख्यालय लैंसडौन पहुंचते थे तो रेजिमेंट के नीतिगत विकास व विस्तार को लेकर उनका दृष्टिकोण स्पष्ट झलकता था।

    उन्होंने 14 दिसंबर 1985 को आठवीं गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। एक सितंबर 2025 से वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।

    NS Raja Subraman in lansdowne

    एक जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना उप प्रमुख के दायित्वों का भी उन्होंने बखूबी निर्वहन किया। इससे पूर्व, मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने जनरल आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में नेतृत्व किया।

    अपने चार दशक के सेवाकाल में उन्होंने 16 गढ़वाल राइफल्स, 168 इन्फेंट्री ब्रिगेड, 17 माउंटेन डिवीजन, यूबी एरिया और दो कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयों की सफल कमान संभाली।

    एक रेजिमेंट कई सितारे

    गढ़वाल राइफल्स के कर्नल आफ द रेजिमेंट रहे लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को भी बीते मार्च में बिहार के राज्यपाल पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा एक कमांडर इन चीफ, तीन कोर कमांडर और छह मेजर जनरल भी अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे है।

    पौड़ी ने दिए देश को पहले दो सीडीएस

    पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत मूलरूप से पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लाक स्थित सैंणा गांव के निवासी थे। उनके गांव में बीते वर्ष सेना की ओर से आयोजित एडवांस कैंप में अग्निवीरों ने युद्धाम्यास भी किया।

    वहीं, दूसरे सीडीएस जनरल अनिल चौहान का पैतृक गांव गवाणा है, जो पौड़ी जिले के खिर्सू ब्लाक में पड़ता है। उन्होंने वर्ष 1981 में सेना की में कमीशन प्राप्त किया था।

    रेजिमेंट के 139 साल के इतिहास में पहले फोर स्टार जनरल का पद मिलना एक स्वर्णिम क्षण है। यह अभूतपूर्व सफलता हर वीर भुल्ला के त्याग और समर्पण को समर्पित है। यह उपलब्धि हमारे जवानों व इस गौरवशाली सैन्य पारिस्थितिकी तंत्र को सहेजने के साथ अधिक समृद्धि प्रदान करेगी।

    - ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, कमांडेंट, गढ़वाल राइफल्स

    यह भी पढ़ें- 'भविष्य की रक्षा तैयारियों में उन्नत तकनीक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण', बोले सीडीएस जनरल अनिल चौहान

    यह भी पढ़ें- 'इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड का प्रस्ताव हो रहा तैयार', बोले सीडीएस अनिल चौहान; इससे कैसे बढ़ेगी सेना की ताकत?

    खबरें और भी