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    धारी देवी मंदिर के पास अलकनंदा झील में एक-दूसरे के ऊपर चढ़ी बोट, वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 04:19 PM (GMT+05:30)

    श्रीनगर के धारी देवी मंदिर के पास अलकनंदा झील में दो बोटों की टक्कर हो गई। वीडियो वायरल होने के बाद महापौर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्य ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी)। पौड़ी जिले के श्रीनगर स्थित धारी देवी मंदिर क्षेत्र में अलकनंदा झील में संचालित दो बोटों की आमने-सामने टक्कर हो गई।

    टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि एक बोट दूसरी के ऊपर चढ़ गई। हादसे में एक चालक संतुलन खोकर झील में गिर पड़ा, जबकि बोट कुछ देर तक अनियंत्रित होकर घूमती रही।

    हालांकि वहां मौजूद स्थानीय लोगों और राहत टीम ने चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि दोनों बोट में कोई यात्री नहीं था।

    छह दिन पुरानी इस घटना का वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाने के आदेश दिए हैं। इसमें नगर निगम, पर्यटन विभाग और प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे।

    ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर से करीब 14 किमी की दूरी पर स्थित सिद्वपीठ मां धारी देवी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    इनमें से अधिकतर वाटर बोट से अलकनंदा नदी की झील में सैर भी करते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी न होने और नियमों का पालन नहीं होने से हर समय खतरा बना रहता है।

    झील में वाटर बोट का संचालन नगर निगम और पौड़ी व टिहरी पर्यटन विभाग की ओर से संचालित किया जा रहा है।

    15 फरवरी को झील में विपरित दिशा से आ रही दो बोट के टकराने की घटना सामने आने पर मंदिर समिति में रोष है। उनका कहना है कि वाटर बोट का संचालन मनमाने तरीके से से हो रहा है।

    समिति के प्रबंधक लक्ष्मी प्रसाद पांडे ने कहा कि वाटर वोट संचालन को लेकर शिकायत प्रकोष्ठ में 200 शिकायतें दर्ज होने के बाद भी नगर निगम और प्रशासन की ओर से सुध नहीं ली जा रही है। धारी ग्राम पंचायत के प्रधान सोहन प्रसाद पांडे ने भी कहा कि धार्मिक स्थल के आसपास वाटर बोट संचालन उचित नहीं है।

    यह सीधे तौर पर किसी की जान को खतरे में डालने जैसा प्रतीत होता है। इसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों बोट संचालकों का जबाव-तलब भी किया गया है। झील में बोट संचालन सुरक्षित हो, इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए सख्त निगरानी सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।

    -आरती भंडारी, महापौर, नगर निगम, श्रीनगर गढ़वाल

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