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    मुख्यमंत्री धामी बोले: कोटद्वार बनेगा वैश्विक पक्षी गंतव्य, बर्ड फेस्टिवल से बढ़ेगा पर्यटन

    Updated: Sat, 31 Jan 2026 08:39 PM (IST)

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोटद्वार जल्द ही पक्षी अवलोकन के लिए वैश्विक गंतव्य बनेगा। उन्होंने बर्ड फेस्टिवल को पर्यटन विकास में मील का पत्थर बताया और ...और पढ़ें

    कोटद्वार में आयोजित बर्ड फेस्टिवल के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। जागरण

    कोटद्वार में आयोजित बर्ड फेस्टिवल के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। जागरण

    HighLights

    1. कोटद्वार जल्द बनेगा वैश्विक पक्षी अवलोकन गंतव्य।

    2. बर्ड फेस्टिवल पर्यटन विकास में मील का पत्थर।

    3. उत्तराखंड जैव विविधता संरक्षण को प्रतिबद्ध सरकार।

    जागरण संवाददाता, कोटद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र जल्द ही पक्षी अवलोकन के लिए ग्लोबल बर्ड डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।

    यहां बर्ड फेस्टिवल का आयोजन क्षेत्र में पर्यटन विकास की दिशा मील का पत्थर साबित होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार जैव विविधता संरक्षण के हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटद्वार में पक्षियों की 400 से अधिक प्रजातियों का होना इस बात का द्योतक है कि क्षेत्र का ईको सिस्टम बेहद समृद्ध है। कहा कि उत्तराखंड की जैव विविधता को संरक्षित करना बेहद जरूरी है और सरकार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहां करीब 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य पर्यावरण संरक्षण में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

    सुर्खाब पक्षी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी सर्दियों के मौसम में उत्तराखंड आता है।

    कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ बीज प्रसार एवं पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    उन्होंने वन व वन्यजीवों के संरक्षण को सरकार की ओर से हो रहे प्रयासों का भी जिक्र किया।

    विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सुझाव दिया कि प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में 31 जनवरी को बर्ड फेस्टिवल दिवस के रूप में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश के पक्षी एवं प्रकृति प्रेमी कोटद्वार की ओर आकर्षित हों। उन्होंने क्षेत्र की विकास संबंधी योजनाओं का एक मांगपत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

    इस मौके पर लैंसडौन क्षेत्र के विधायक दिलीप सिंह रावत, महापौर शैलेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, उत्तराखंड गोसेवा आयोग के अध्यक्ष पं.राजेंद्र अणथ्वाल, सिंचाई सलाहकार समिति के अध्यक्ष ऋषि कंडवाल, जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, भाजयुमो जिलाध्यक्ष शांता बमराड़ा, नगर आयुक्त पीएल शाह, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

    अगले दो-तीन माह में होगा लालढांग-चिलरखाल वन मार्ग का शिलान्यास

    कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग की बात उठाई। कहा कि पूर्व में इस मार्ग को लेकर पैरवी नहीं की गई, जिससे मार्ग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई।

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    अब कोर्ट में लगातार इस मामले की पैरवी चल रही है। नतीजा, अगले दो-तीन महीने में न्यायालय से इस मामले में जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय आने की संभावना है। इसके बाद बाद सड़क का शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष कोटद्वार जिला निर्माण की भी मांग उठाई।

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