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    रिटायरमेंट पर वन दरोगा हुए भावुक, नौ माह की हथिनी के पैर छूकर ली विदा

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 12:25 PM (IST)

    वन दरोगा भारत सिंह रावत अपनी सेवानिवृत्ति पर नौ माह की हथिनी मालिनी के पैर छूकर भावुक विदाई हुए, जिसे उन्होंने मरणासन्न अवस्था से बचाया था। ...और पढ़ें

    नौ माह की हथिनी के पैर छूकर विदा हुए 60 वर्ष के वन दरोगा। जागरण

    नौ माह की हथिनी के पैर छूकर विदा हुए 60 वर्ष के वन दरोगा। जागरण

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    वेदपाल सिंह, कालागढ़। मानव-वन्यजीव के सह-अस्तित्व, प्रेम, करुणा और संवेदना को व्यक्त करने की तस्वीर उस समय सबको भावुक कर गई, जब 60 वर्ष के वन दरोगा नौ महीने की हथिनी के पैर छूकर फफक पड़े।

    हथिनी को ऐसे गले लगाया जैसा दुलार अपने खास सगे-संबंधियों के प्रति उमड़ता है। कोई औपचारिकता नहीं, कोई बनावट नहीं। यह दृश्य मंगलवार को कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ एलीफैंट कैंप का था। मौका था वन दरोगा भारत सिंह रावत के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह का।

    एलीफैंट कैंप के प्रभारी वन दरोगा भारत सिंह का इस हथिनी से रिश्ता बेहद खास रहा है। हथिनी को मरणासन्न अवस्था चार सितंबर 2025 को कोटद्वार की मालन नदी से रेस्क्यू करके कालागढ़ कैंप लाया गया था। तब इसकी उम्र 15 से 20 दिन मानी गई थी।

    विधि-विधान से किया था नामकरण संस्कार

    19 फरवरी 2026 वन मंत्री सुबोध उनियाल की मौजूदगी में पंडित हरीश ध्यानी ने विधि-विधान से इसका नामकरण संस्कार किया। मालनी नदी में मिलने के कारण इसे मालिनी नाम दिया गया।

    भारत सिंह ने उसकी देखभाल में दिन-रात कड़ी मेहनत की। वन क्षेत्राधिकारी नंद किशोर रुबाली के सहयोग से मालिनी के उपचार और सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की। देवतुल्य मानकर भारत सिंह रावत मालनी की सेवा करते रहे।

    उसके खानपान, दवाई, दूध आदि का पूरा ध्यान रखा गया। सेवादारों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि किसी भी चीज कमी नहीं होने दी जानी चाहिए। जब मालिनी को यहां लाया गया तब उसका वजन 85 किलो था, जो अब बढ़कर दो क्विंटल 80 किलो हो गया है।

    हर किसी ने की तारीफ

    विदाई समारोह में एलीफैंट कैंप के प्रभारी वन दरोगा भारत सिंह की विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहना की। बताया गया कि किस तरह उन्होंने कैंप में वन्यजीवों के प्रति स्नेह प्रदर्शित किया। इससे पहले भारत सिंह ने मालिनी के साथ बिताए गए पलों को याद किया।

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    चार हाथी हैं कैंप में

    इस समय कालागढ़ कैंप में चार हाथी हैं। इनमें गजराज नर हाथी. लक्षमा हथिनी, सावन नर हाथी और मालिनी हथिनी शामिल हैं। कैंप में इंचार्ज के अलावा तीन महावत, तीन चाराकटर, एक गेट कीपर तैनात हैं। समय-समय पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशुचिकित्सक डा. दुष्यंत कुमार शर्मा इनका स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं। भारत सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद अब रक्षित पांडेय एलीफैंट कैंप की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

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