उत्तराखंड: पौड़ी के निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
पौड़ी के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई, जबकि गंभीर प्रसूता ने जौलीग्रांट अस्पताल में दम तोड़ दिया। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हुई
गंभीर प्रसूता ने जौलीग्रांट अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया
जागरण संवाददाता, पौड़ी। जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। गंभीर हालत में रेफर की गई प्रसूता ने जौलीग्रांट अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना के बाद स्वजन ने अस्पताल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की टीम गठित कर दी है।
देवप्रयाग रोड निवासी रजनीश लिंगवाल ने बताया कि उनकी पत्नी रेनु थपलियाल लिंगवाल की प्रसव तिथि 31 जुलाई निर्धारित थी।
उनके अनुसार 27 जुलाई को नियमित जांच के लिए वह पत्नी को निजी अस्पताल ले गए थे। अस्पताल ने उनकी पत्नी को भर्ती किया और 28 जुलाई को प्रसव के दौरान आपरेशन की आवश्यकता बताई और कुछ देर बाद नवजात के नहीं बच पाने की सूचना दी गई।
रजनीश का आरोप है कि आपरेशन के बाद उनकी पत्नी की हालत बिगड़ने पर उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया, लेकिन अस्पताल कर्मी उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी पत्नी की भी मृत्यु हो गई।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित चिकित्सक का लाइसेंस निरस्त करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
सीएमओ डा. एसएम शुक्ला ने बताया कि निजी अस्पताल में नवजात एवं प्रसूता की मृत्यु का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच के लिए एनएचएम की टीम गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।