पौड़ी में शिक्षक व छात्र जान जोखिम में डाल पार करते हैं उफनता गदेरा, 3 साल से टूटी है पुलिया
जयहरीखाल के राजकीय इंटर कॉलेज थल्दा के छात्र-शिक्षक क्षतिग्रस्त पुलिया से जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचने को मजबूर हैं। ...और पढ़ें

जयहरीखाल प्रखंड के अंतर्गत बिसगढ़ी गदेरे को पार कर स्कूल जाते राइंका थल्दा में अध्ययनरत बच्चे। जागरण
HighLights
थल्दा स्कूल के छात्र-शिक्षक क्षतिग्रस्त पुलिया से आवागमन करते हैं
बिसगढ़ी गदेरे की पुलिया 2023 से क्षतिग्रस्त, 2024 में बह गई
प्रशासन की अनदेखी से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है
मनीष खुगशाल, सतपुली (पौड़ी)। विकासखंड जयहरीखाल स्थित राजकीय इंटरमीडिएट कालेज थल्दा के शिक्षक और छात्र-छात्राएं रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
विद्यालय जाने वाले मार्ग पर स्थित बिसगढ़ी गदेरे की पुलिया पिछले तीन वर्षों से क्षतिग्रस्त है। बरसात के दौरान उफनते गदेरे को पार करना दुर्घटना को न्योता देने जैसा है, लेकिन मजबूरी में शिक्षक और विद्यार्थी इसी रास्ते से आवागमन कर रहे हैं।
विद्यालय को क्षेत्र से जोड़ने के लिए बिसगढ़ी गदेरे पर डाट पुलिया बनाई गई थी। जून 2023 में भारी बारिश के दौरान आए तेज बहाव में पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई।
सामान्य दिनों में आवाजाही किसी तरह हो जाती है, लेकिन वर्षाकाल में गदेरे का जलस्तर और बहाव बढ़ने से स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। इसके बावजूद शिक्षक अध्यापन और छात्र शिक्षा के लिए जोखिम उठाकर गदेरा पार कर रहे हैं।
वर्ष 2023 में बरसात के बाद अभिभावकों ने अपने स्तर पर पुलिया की मरम्मत कराई थी, लेकिन 2024 की बारिश में तेज बहाव पूरी पुलिया को बहा ले गया।
इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने शिक्षा विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार पुलिया निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इन दिनों गदेरे में पानी का स्तर काफी ऊंचा है और बहाव भी तेज है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के पास इस मार्ग का उपयोग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
प्रधानाचार्य दीप्तेश सहगल ने बताया कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी जयहरीखाल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई थी। कई बार अनुरोध करने के बावजूद पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिया न होने से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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