पिथौरागढ़: चीन सीमा को जोड़ने वाले मार्ग भूस्खलन से बाधित, आदि कैलास यात्री और पर्यटक फंसे
पिथौरागढ़ के लखनपुर के पास चट्टान दरकने से तवाघाट-लिपुलेख मार्ग सोमवार सुबह तक बंद रहा, जिससे आदि कैलास यात्रियों की रवानगी में देरी हुई। सुबह नौ बजे ...और पढ़ें
HighLights
लखनपुर के पास चट्टान दरकने से मार्ग बंद
धारचूला से आदि कैलास यात्रा कुछ विलंब से शुरू
तवाघाट-सोबला मार्ग बंद, दारमा घाटी में पर्यटक फंसे
संवाद सूत्र, धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा तक जाने वाली तवाघाट-लिपुलेख मार्ग लखनपुर के पास चट्टान दरकने से घंटों बंद रहा। जिसके चलते आदि कैलास यात्रा पर जाने वाले यात्री सोमवार को धारचूला से कुछ विलंब से रवाना हुए।
सुबह नौ बजे के बाद मार्ग खुलने के बाद यात्रा जारी है और आवागमन सुचारु है। वहीं चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला- ढाकर मार्ग रविवार सायं से ही बंद है।
मार्ग बंद होने से पंचाचूली ग्लेशियर ट्रैक पर गए सैकड़ृों पर्यटक फंसे हैं। दर और बौगलिंग के मध्य लगातार पहाड़ की तरफ से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं । जिसके चलते मार्ग खोलने का कार्य प्रभावित है।
तवाघाट-लिपुलेख मार्ग यानि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर रविवार की देर रात्रि लखनपुर के पास भारी चट्टानें दरक गई थी। देर रात्रि को हुए भूस्खलन से यात्रा किसी तरह प्रभावित नहीं रही।
रात्रि को इस मार्ग पर यातायात बंद रहता है। सोमवार सुबह मार्ग नो बजे के बाद खुला। सूचना होने के कारण यात्रा वाहन धारचूला से कुछ विलंब से चले, जिसके चलते यात्रा में किसी तरह का व्यवधान नहीं आया।
दूसरी तरफ, उच्च हिमालयी दारमा घाटी अलग-थलग पड़ी है। तवाघाट-सोबला-ढाकर सड़क रविवार को भी बंद रही।
रविवार सायं से ही दारमा घाटी के प्रवेश द्वार दर और बौगलिंग के मध्य पहाड़ की तरफ से लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। जिसके चलते मार्ग खोलना चुनौती बना है।
इस समय पंचाचूली ग्लेशिचर बेस कैंप में देश के विभिन्न राज्यों के लगभग दो सौ से अधिक पर्यटक हैं। जो मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बीआरओ मार्ग खोलने में जुटा है।
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