वाल्मीकि गैंग से साठगांठ में पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह का नाम आया सामने, विधवा महिला की जमीन कब्जे का भी आरोप
पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह पर कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि गैंग से सांठगांठ कर एक विधवा की जमीन हड़पने का आरोप है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह पर गैंगस्टर से सांठगांठ का आरोप।
विधवा महिला की जमीन अवैध रूप से हड़पी और बेची।
पुलिस पद का दुरुपयोग कर पीड़िता पर दबाव बनाया।
संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़। हरिद्वार के कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि गैंग से जुड़े एक मामले में उत्तराखंड पुलिस में तैनात रहे पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह की भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार प्रवीण वाल्मीकि हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध वसूली, अपहरण और भूमि कब्जे समेत कई गंभीर मामलों का आरोपी है और वर्तमान में जेल में सजा काट रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रवीण वाल्मीकि अपने गैंग के जरिए लोगों को डरा-धमकाकर उनकी जमीनों पर कब्जा करता था। आरोप है कि गैंग के सदस्य शेर सिंह, मनीष बॉलर और हसन अब्बास जैदी ने मिलकर एक विधवा महिला की भूमि पर अवैध कब्जा किया और उसे फर्जी तरीके से बेच दिया।
पुलिस के अनुसार पीड़िता के भाई और देवर पर पूर्व में गैंग द्वारा गोली चलाई गई थी, जिसके बाद महिला अपने बच्चों के साथ रुड़की छोड़कर अन्यत्र रहने लगी थी। इसी दौरान उसकी भूमि पर कब्जा कर उसे बेच दिया गया। जब महिला को इसकी जानकारी हुई तो उसे और उसके परिवार को मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाया गया।
जांच में यह भी आरोप सामने आया कि उस समय पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद पर तैनात शेर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि से सितारगंज जेल और रुड़की कोर्ट में कई बार मुलाकात की।
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आरोप है कि उसने पीड़िता को कोर्ट में पेशी के दौरान गैंगस्टर के सामने ले जाकर दबाव बनाने का प्रयास किया। इस मामले में थाना गंगनहर, जनपद हरिद्वार में मुकदमा संख्या 415/2025 दर्ज किया गया था। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर शेर सिंह को 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में उसे 7 नवंबर 2025 को उच्च न्यायालय नैनीताल से जमानत मिल गई।