भारत-चीन व्यापार का रास्ता साफ: एक अगस्त से शुरू होगा कारोबार, व्यापारी तकलाकोट मंडी में करेंगे प्रवेश
भारत-चीन व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है, अब यह व्यापार एक अगस्त से शुरू होगा। भारतीय व्यापारी तकलाकोट मंडी में प्रवेश करेंगे। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
भारत-चीन व्यापार 1 अगस्त से तकलाकोट में होगा शुरू
व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितता अब हुई समाप्त
देरी से शुरू होने से भारतीय व्यापारियों को होगा नुकसान
संवाद सूत्र, धारचूला (पिथौरागढ़)। भारत-चीन सीमा व्यापार को लेकर कई दिनों से बनी ऊहापोह और असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह खत्म हो गई है।
चीन के कस्टम और व्यापारिक अधिकारियों की तरफ से कारोबार शुरू करने का आधिकारिक संदेश धारचूला प्रशासन को प्राप्त हो गया है।
इसके बाद तय हुआ है कि भारतीय व्यापारी एक अगस्त को चीनी मंडी 'तकलाकोट' में प्रवेश करेंगे और व्यापार का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
व्यापारियों ने इस खबर पर राहत की सांस ली है, क्योंकि व्यापारिक तैयारियां पूरी होने के बावजूद चीन की ओर से हुई देरी के कारण उन्हें इस साल व्यापार ठप होने की आशंका सता रही थी।
सात जुलाई से शुरू होना था व्यापार
तय कार्यक्रम और द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, इस वर्ष भारत-चीन व्यापार 7 जुलाई से शुरू होना था।
- व्यापारियों की पूरी थी तैयारी: इसके लिए भारतीय व्यापारियों ने जून माह में ही अपनी तैयारियां पूरी कर ली थीं। अधिकांश व्यापारी अपना माल लेकर सीमांत क्षेत्र गुंजी तक पहुंच चुके थे। यहां तक कि सीमा के नजदीक स्यांगपांग नाले के पास माल ढोने वाले घोड़े-खच्चरों के लिए व्यापारियों ने विश्राम स्थल भी तैयार कर लिया था।
- चीन का अड़ंगा: ठीक व्यापार शुरू होने से पहले चीन की ओर से धारचूला प्रशासन को संदेश भेजा गया कि चीनी मंडी तकलाकोट में भारतीय व्यापारियों के लिए अभी 'पर्याप्त गोदाम और दुकानों की व्यवस्था' नहीं हो पाई है। इस संदेश के बाद व्यापार की प्रक्रिया ठंडी पड़ गई थी और व्यापारी गहरी चिंता में डूब गए थे।
प्रशासन ने दी व्यापारियों को सूचना
सोमवार को धारचूला प्रशासन को चीन से बहुप्रतीक्षित संदेश मिल गया। उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि 'चीन से आए संदेश के मुताबिक, भारतीय व्यापारियों को एक अगस्त को तकलाकोट पहुंचना है।
इसकी सूचना सभी संबंधित व्यापारियों को दे दी गई है। साथ ही, भारतीय व्यापारियों द्वारा तिब्बत ले जाने वाले सामान की सूची तैयार कर चीनी व्यापार अधिकारियों को भेजी जा रही है।'
- प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष अब तक भारत-चीन व्यापार के लिए 113 व्यापारियों और उनके सहायकों को ट्रेड पास जारी किए जा चुके हैं।
समय कम मिलने से मायूस हैं व्यापारी
व्यापार शुरू होने की खबर से एक तरफ जहां राहत है, वहीं भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली ने नाराजगी भी जताई है। उन्होंने कहा कि व्यापार के लिए देर से मिली अनुमति का सीधा आर्थिक नुकसान भारतीय व्यापारियों को उठाना पड़ेगा।
समिति अध्यक्ष के मुख्य बिंदु
भारत चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली ने कहा है कि व्यापार के लिए देर से मिली अनुमति का नुकसान भारतीय व्यापारियों को होगा।
- 40% कारोबार का नुकसान: अगर जुलाई के पहले सप्ताह में भारतीय व्यापारी चीन पहुंच जाते, तो अब तक 40 प्रतिशत कारोबार पूरा हो चुका होता।
- व्यापार के लिए सिर्फ 2 महीने: यह व्यापार आधिकारिक तौर पर अक्टूबर माह तक चलेगा। सितंबर माह में तिब्बत में स्थानीय पूजा-अर्चना के बड़े कार्यक्रम चलते हैं, जिसके कारण खरीदार मंडी में बहुत कम आते हैं। ऐसे में इस वर्ष भारतीय व्यापारियों को व्यापार के लिए बमुश्किल दो माह का ही सक्रिय समय मिलेगा।
- पुराने माल का बोझ: व्यापारियों को इन दो महीनों में अपने नए माल के साथ-साथ वर्ष 2019 से चीन की मंडी तकलाकोट में फंसे (बचे रह गए) माल को भी बेचना होगा। समय कम होने के कारण माल खपाने की चुनौती होगी, जिससे मुनाफा कम रहने की पूरी आशंका है।
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