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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बुजुर्ग महिला के हौसले के आगे भागा गुलदार, दरांती से वार कर बचाई अपनी जान

Published: Wed, 29 Jul 2026 07:17 PM (IST)

रुद्रप्रयाग के कोटी गांव में 64 वर्षीय नारायणी देवी ने जंगल में घास काटते समय गुलदार के हमले का बहादुरी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. 64 वर्षीय नारायणी देवी पर गुलदार ने किया हमला

  2. बुजुर्ग महिला ने दरांती से हमला कर जान बचाई

  3. घायल महिला सीएचसी अगस्त्यमुनि में भर्ती, हालत स्थिर

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि विकासखंड के पठालीधार क्षेत्र के कोटी गांव के मवेशियों के लिए जंगल में घास काट रही 64 वर्षीय नारायणी देवी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया।

गुलदार को सामने देख बुजुर्ग ने घबराने की बजाय हिम्मत दिखाते हुए दरांती से गुलदार पर हमला कर अपनी जान बचाई। हालांकि, इस घटना में वह घायल हो गईं। उन्हें सीएचसी अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को नारायणी देवी घर से करीब 300 मीटर दूर जंगल में घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर हमला बोल दिया।

Uttarakhand Brave Woman

अचानक हुए हमले पर महिला ने घबराने की जगह हिम्मत दिखाई और दरांती से गुलदार के मुंह और शरीर पर लगातार वार किए, जिससे गुलदार घबरा गया और मौके से भाग निकला।

हमले के दौरान गुलदार के नाखून लगने से नारायणी देवी के हाथ और पैरों में खरोंच आईं। किसी तरह वह घर पहुंचीं और स्वजन व ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।

इसके बाद स्वजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें 24 घंटे के लिए निगरानी में रखा है।

अस्पताल की चिकित्सक डा. प्रियांशी के अनुसार, महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। नारायणी देवी के पुत्र पंकज सिंह ने बताया कि गांव में इस तरह की यह पहली घटना है।

उनका कहना है कि जंगलों में गुलदार की बढ़ती सक्रियता के कारण अब पशुओं के लिए चारा लाना भी जोखिम भरा हो गया है। वहीं गुलदार के हमले के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।

वहीं, उप प्रभागीय वनाधिकारी दिवाकर पंत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

बताया कि महिला पर उस समय हमला हुआ, जब वह जंगल में घास काट रहीं थीं। क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त, गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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