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चौमासी-सोनप्रयाग टनलयुक्त हाईवे पर बनी सहमति, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जाम की समस्या होगी खत्म

Published: Sun, 09 Aug 2026 10:00 PM (IST)

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जाम की समस्या खत्म करने के लिए चौमासी-सोनप्रयाग तक टनलयुक्त दो-लेन हाईवे के तीसरे विकल्प पर सहमति बन गई है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. जाम से निजात दिलाएगा चौमासी-सोनप्रयाग टनलयुक्त दो-लेन हाईवे।

  2. ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों ने तीसरे विकल्प पर सर्वसम्मति से दी सहमति।

  3. प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा, जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद।

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जाम की समस्या से निजात दिलाने और यात्रियों के लिए वैकल्पिक एवं सुरक्षित मार्ग विकसित करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। कालीमठ घाटी होते हुए चौमासी-सोनप्रयाग तक प्रस्तावित टनलयुक्त दो-लेन हाईवे को लेकर नेशनल हाइवे, प्रशासन व ग्रामीणों के साथ कालीमठ में बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने परियोजना के लिए प्रस्तावित तीसरे विकल्प पर सर्वसम्मति से सहमति जताते हुए इसे हरी झंडी दे दी। अब प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा उम्मीद है की मोटर मार का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो जाएगा।

केदारनाथ यात्रा सीजन के दौरान गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। प्रतिदिन हजारों वाहन केदारघाटी में पहुंचते हैं। पर्याप्त पार्किंग और सड़क की सीमित चौड़ाई के कारण कई बार कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। प्रस्तावित चौमासी-सोनप्रयाग मार्ग को इस समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग माना जा रहा है।

नेशनल हाईवे रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता ओमकार पांडे ने बताया कि बैठक में हाईवे निर्माण के तीन विकल्प ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखे गए। पहले विकल्प में मौजूदा सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव था। तकनीकी जांच में कई स्थानों पर सड़क के मोड़ों की वक्रता त्रिज्या 10 मीटर से कम पाए जाने के कारण इस विकल्प को सुरक्षित नहीं माना गया।

प्रस्ताव को केंद्र सरकार के समक्ष भेजने की प्रक्रिया शुरू

दूसरे विकल्प में सड़क का सीमित रिएलाइनमेंट करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसमें डिजाइन गति धीमी रहने और कुछ स्थानों पर रिवर्स कर्व की समस्या सामने आने की संभावना थी। इसलिए इस विकल्प को भी उपयुक्त नहीं माना गया।

तीसरे विकल्प में सड़क का व्यापक सुधार, प्रमुख रिएलाइनमेंट और आवश्यक स्थानों पर टनल निर्माण प्रस्तावित है। इस विकल्प में कम मोड़, कम ढाल और बेहतर सड़क डिजाइन होने के कारण इसे यातायात की दृष्टि से अधिक सुरक्षित और उपयोगी माना गया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भविष्य की यातायात जरूरतों को देखते हुए इसी विकल्प को बेहतर बताते हुए अपनी सहमति दी।

ग्रामीणों की सहमति मिलने के बाद अब प्रस्ताव को केंद्र सरकार के समक्ष भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद स्वीकृति मिलने पर निर्माण की दिशा में कार्य शुरू होने की उम्मीद है। केदारनाथ यात्रा सीजन के दौरान गुप्तकाशी से कालीमठ घाटी होते हुए चौमासी-सोनप्रयाग तक टनलयुक्त मार्ग के लिए सर्वे का कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है।

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